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कोरोना के चलते बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीख बदली

टिहरी राज परिवार की सदस्य और सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह दिल्ली से रविवार को देहरादून पहुंच गई थीं। राजपरिवार और राज्य सरकार ने मिलकर यह फैसला लिया, उसी के अनुरूप राजपरिवार प्रमुख ने कपाट खोलने जाने की तारीख बदले जाने की व्यवस्था दी।

कोरोना संकट के चलते देश में 21 दिनों के लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाना पड़ा और अब इससे उत्तराखंड की विश्वविख्यात चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। उत्तराखंड और देश के दूसरे राज्यों में बढ़ते मामलों को देखते हुए केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथियां बदली गई हैं। भगवान बदरीनाथ के कपाट 15 मई 2020 को प्रातः 4:30 बजे खुलेंगे। गाडु घड़ा परंपरा के लिए तिल का तेल निकालने के लिए 5 मई 2020 की तिथि तय की गई है। सोमवार को टिहरी के राजा मनुजेंद्र शाह ने इसकी घोषणा की। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट अब 14 मई को खोले जाएंगे।

हालांकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट पहले से निर्धारित तिथि 26 अप्रैल को ही खोले जाएंगे। इससे पहले कपाट खोलने के समय पूजा-अर्चना के लिए हाल में रावल भीमाशंकर लिंग उत्तराखंड पहुंचे गए थे। उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया गया था और आम लोगों को परमिशन दिए बिना कपाट खोलने की तैयारी चल रही थी। उनके लिए ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था कराए जाने की बात कही गई थी।

बदरीनाथ एवं केदारनाथ मंदिर के कपाट खोलने की तिथि में बदलाव के लिए मुख्यमंत्री आवास में बैठक की गई। टिहरी की महारानी और सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह दिल्ली से रविवार को देहरादून पहुंच गई थीं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ हुई बैठक में श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी एवं सचिव पर्यटन  दिलीप जावलकर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोविड-19 की परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाना है। भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने के संबंध में भी चर्चा की गई। इसके बाद, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि टिहरी के महाराज ने लॉकडाउन की परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद कपाट खोलने की तिथियां बदली हैं। उन्होंने कहा कि 15 मई को साढ़े चार बजे सुबह बदरीनाथ के पट खुलेंगे। 14 मई को केदारनाथ के पट खुलेंगे। पांच मई को गाडु घड़े की परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।

पहले बदरीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में चार बजकर 30 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल जाने थे। बसंत पंचमी पर नरेंद्रनगर राजमहल में राजपुरोहितों ने भगवान बदरी विशाल के कपाट खोलने का मुहूर्त निकाला था। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल को खोले जाने थे। महाशिवरात्रि पर ऊखीमठ स्थित पंचगद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति पदाधिकारी, हक-हकूकधारी, पंचगाई, धर्माचार्य और वेदपाठियों की मौजूदगी में यह घोषणा की गई थी।

उत्तराखंड में कोरोना के 44 केस सामने आ चुके हैं और 11 लोगों को छुट्टी दी जा चुकी है। राज्य के तीन जिलों को रेड जोन घोषित किया गया है। वहीं तीन अन्य जिले ऑरेंज जोन में हैं।

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Hill Mail

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