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पहले जैसे नहीं होंगे भगवान बदरीनाथ के दर्शन, कोरोना काल में जानें नए नियम

कोरोना संकट में आम हो या खास हर कोई प्रभावित हुआ है। भक्त भी भगवान से दूर है। हालांकि अब अनलॉक-1 में कुछ छूट मिलने के बाद मंदिर खुल गए हैं। हालांकि चार धाम यात्रा अभी शुरू नहीं हुई है लेकिन दर्शन करने के इच्छुक लोगों के लिए निए नियम जरूर जारी कर दिए गए हैं।

कोरोना वायरस ने उत्तराखंड की चारधाम यात्रा को भी प्रभावित किया है। बदरीनाथ-केदारनाथ धाम की यात्रा 30 जून तक शुरू नहीं होगी। हालांकि प्रशासन और चार धाम देवस्थानम बोर्ड अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है। अब बदरीनाथ देवस्थानम में दर्शन (badrinath darshan) के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत ही धाम में श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर पाएंगे। आइए जानते क्या हैं नए नियम-

– धाम में दर्शन का समय सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक रहेगा।
– तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए फ्री टोकन प्राप्त करने होंगे, जिसे बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
– निशुल्क दर्शन टोकन टैक्सी स्टैंड एवं नीलकंठ विश्राम गृह के भूतल पर स्थापित काउंटर से प्राप्त करना होगा। दर्शन टोकन श्रद्धालुओं को पहले ही प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

– निशुल्क दर्शन टोकन काउंटर में शारीरिक दूरी बनाए रखना और मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
– निशुल्क दर्शन टोकन में दर्शन के लिए निश्चित समय एवं तिथि अंकित होगी।
– तीर्थयात्रियों को दर्शन टोकन में अंकित समय पर दर्शन लाइन में मंदिर परिसर में पंक्तिबद्ध होना पड़ेगा।
– 1 घंटे में अधिकतम 120 दर्शनार्थी ही दर्शन कर सकेंगे।

– दर्शन के लिए मंदिर के अंदर सभा मंडप में 30 सेकंड का समय अनुमन्य होगा।
– दर्शन पंक्ति 240 मीटर की होगी जो कि सिंह द्वार से ब्रह्मकपाल तिराहे पैदल मार्ग तक 2-2 मीटर की दूरी बनाते हुए चिन्हित गोले पर यात्रियों को एकल पंक्तिबद्ध खड़ा होना होगा।
– विशेष पूजाएं करने वाले यात्रियों को सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए मंडप में बैठने की अनुमति नहीं होगी, उन्हें दर्शन निर्धारित स्थान से मिलेगा।
– श्री बदरीनाथ धाम में उक्त प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन 1200 श्रद्धालुओं को निशुल्क टोकन प्रदान किए जाएंगे, जो तदनुसार शासन-प्रशासन के सभी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए दर्शन (badrinath darshan) का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
– निशुल्क टोकन एक व्यक्ति को एक समय में 3 से अधिक टोकन आंवटित नहीं किए जाएंगे।
– टोकन की जांच सिंह द्वार में की जाएगी।

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Hill Mail

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