पोखड़ा के एस्ले स्कूलडेज एकेडमी में चलाया गया स्वच्छता अभियान, बच्चों ने स्वच्छता को लेकर रखे अपने विचार

पोखड़ा के एस्ले स्कूलडेज एकेडमी में चलाया गया स्वच्छता अभियान, बच्चों ने स्वच्छता को लेकर रखे अपने विचार

आज महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती है और इस अवसर पर पोखड़ा के एस्ले स्कूलडेज एकेडमी में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में बच्चों और शिक्षकों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।

आज महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती है और इस अवसर पर देश के अनेक हिस्सों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर पोखड़ा के एस्ले स्कूलडेज एकेडमी में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में बच्चों और शिक्षकों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। स्कूल के बच्चों ने इस अवसर पर स्वच्छता को लेकर अपने अपने विचार भी रखे तथा महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के बारे में व्याख्यान दिया।

अगर किसी में कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो वह किसी भी परिस्थति में कोई भी काम कर सकता है भले ही उसके सामने कितनी भी चुनौतियां क्यों न हो। आज मैं आप लोगों को ऐसे व्यक्ति से परिचय कराता हूं जिन्होंने अपने गांव के बच्चों के लिए अपनी दस साल पहले ही सरकारी सेवा से सेवामुक्त हो गये और गांव में आकर गांव के बच्चों के लिए अलख जगाने का काम करने लगे।

मैं बात कर रहा हूं प्रदीप जोशी की। वह पौड़ी जिले के पोखड़ा में एस्ले स्कूलडेज एकेडमी चला रहे हैं। जिन्होंने अपनी सरकारी नौकरी को दस साल पहले ही छोड़ दिया और गांव में आकर बच्चों को शिक्षा की अलख जगाने का काम कर रहे हैं। इस काम में उनके छोटे भाई सुशील जोशी और उनकी पत्नी सुमन जोशी का भी महत्वपूर्ण योगदान है और वह इस स्कूल के संस्थापक भी है वह अभी मुम्बई में रहते हैं। उनका भी गांव के प्रति गहरा लगाव है और उनको जब भी समय मिलता है वह अपने गांव आते जाते हैं।

यह स्कूल वर्ष 2010 में स्थापित किया गया था जिसमें अभी आसपास के गांव के 90 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यह स्कूल नर्सरी से 8वीं कक्षा तक है जो कि उत्तराखंड सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। प्रदीप जोशी ने बताया कि यह स्कूल पोखड़ा में स्थापित है। उन्होंने बताया कि इस स्कूल को खोलने का मुख्य कारण यहां से पलायन को रोकना था। क्योंकि हर कोई बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए यहां से पलायन कर रहा था और गांव के गांव इस वजह से खाली हो रहे थे। तब प्रदीप जोशी के मन में आया कि क्यों न गांव में ही एक अच्छा स्कूल खोला जाये जिससे कि गांव के आसपास के बच्चे यहीं पर ही अच्छी शिक्षा ग्रहण करें इससे एक तो यहां का पलायन रूकेगा और दूसरा गांव के गांव आबाद रहेंगे। प्रदीप जोशी के इस सपने को साकार करने में उनके छोटे भाई सुशील जोशी का अहम् योगदान है।

अगर हम एस्ले स्कूलडेज एकेडमी के प्रधानाचार्य प्रदीप जोशी की बात करें तो वह एक पढ़े लिखे व्यक्ति हैं। प्रदीप जोशी ने बीएससी, एमए अंग्रेजी, समाज शास्त्र, एमएससी आपदा प्रबंधन, एम एड किया है तथा वह शिक्षा विभाग में कार्यरत थे और वहां से उन्होंने 10 साल पहले वीआरएस ले लिया था और उसके बाद से वह यह स्कूल चला रहे हैं। अगर वह चाहते तो वह भी और लोगों की तरह एक आराम की जिन्दगी बिता सकते थे लेकिन उन्होंने अपने गांव को चुना और कड़ी मेहनत करके वह इस स्कूल को चला रहे हैं।

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