Saturday , 5 September 2026
Home सरोकार ड्यूटी छोड़ घर पहुंचे जेई पर डीएम का एक्शन, एसई का वेतन भी रोका
सरोकारउत्तराखंड न्यूज़पौड़ी गढ़वाल

ड्यूटी छोड़ घर पहुंचे जेई पर डीएम का एक्शन, एसई का वेतन भी रोका

मंगलवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया अचानक जल संस्थान कार्यालय पहुंचीं और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, शिकायत निस्तारण व्यवस्था, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति और फील्ड में चल रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान डीएम ने विभिन्न अनुभागों में जाकर रिकॉर्ड, शिकायत रजिस्टर और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों का परीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय स्तर पर तैनात एक कनिष्ठ अभियंता से वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क किया। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि संबंधित जेई ड्यूटी के समय अपने घर पर मौजूद मिला। यह देखकर जिलाधिकारी नाराज हो गईं और उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और ड्यूटी के दौरान गैरजिम्मेदाराना रवैया किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इतना ही नहीं, निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता कार्यालय से अनुपस्थित मिले। इस पर जिलाधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन बाधित करने के साथ ही स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि अधिकारी स्वयं कार्यालय में मौजूद नहीं रहेंगे तो अधीनस्थ कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी उसका नकारात्मक असर पड़ता है।

जिलाधिकारी ने जल संस्थान के कंट्रोल रूम की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर कार्यालय परिसर के बाहर प्रमुखता से चस्पा किया जाए ताकि आम नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि पेयजल संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने डिस्पैच रूम, अधिष्ठान शाखा, लेखा अनुभाग, कंप्यूटर कक्ष और पेयजल शिकायत अनुभाग का भी जायजा लिया। उन्होंने शिकायतों के पंजीकरण, उनके निस्तारण की समयसीमा, संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के समाधान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में शिकायतों के समाधान के लिए कर्मचारी भेजे जा रहे हैं, उसकी सूचना संबंधित जनप्रतिनिधियों और ग्राम स्तर के जिम्मेदार व्यक्तियों को भी दी जाए, ताकि कार्यों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सके। उन्होंने कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए, जिससे कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता से जुड़े विभागों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से शिकायतों के निस्तारण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, अधिशासी अभियंता जल संस्थान टीएस रावत समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद जल संस्थान कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बनी रही और कर्मचारियों में जवाबदेही को लेकर चर्चा होती रही।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...