कोरोना काल में भारत के सबसे बड़े चैरिटेबल ट्रस्ट में से एक हंस फाउंडेशन लगातार जरूरतमंदों की मदद करता आ रहा है। देशहित में पीएम केयर्स फंड में बड़ा योगदान करने की बात हो, उत्तराखंड के लोगों की मदद या सुदूर लोगों को राशन-पानी पहुंचाना, ऐंबुलेंस मुहैया कराना … ऐसे अनगिनत काम फाउंडेशन करता रहा है। सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास के उपकरण भी हंस फाउंडेशन दे रहा है। अब लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए भी हंस फाउंडेशन आगे आया है। फाउंडेशन का मकसद है- हर घर में नल, हर नल में जल।
फाउंडेशन की तरफ से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के तल्ला बनास में हर घर जल पहुंचाने के उद्देश्य से पाइप लाइन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में लोगों की पानी की समस्या दूर होगी और उन्हें स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। आपको बता दें कि केंद्र और राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर फाउंडेशन जल मिशन के तहत यह काम कर रहा है। 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में ‘हर घर जल’ पहुंचाने का सरकार ने लक्ष्य रखा है। ऐसे में फाउंडेशन ने अपना फर्ज समझते हुए पेयजल का यह काम शुरू किया।
गौरतलब है कि पहाड़ की कुछ चुनौतियों में पानी भी एक है, जिसकी बात अक्सर समस्या के रूप में होती रहती है। पलायन के प्रमुख कारणों में भी इस दिक्कत को एक माना जाता है। हालांकि अगर सरकार के प्रयासों में हंस फाउंडेशन जैसे दूसरे गैरसरकारी संस्थाएं भी आगे आएं और लोग गंभीरता से इस पहल को लें तो पहाड़ में पानी की समस्या को हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है।
पिछले तीन महीनों में फाउंडेशन की मदद पर एक नजर
1- हंस फाउंडेशन की संस्थापक माताश्री मंगला एवं भोले जी महाराज ने मानव सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कोरोना संकट में मसूरी के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीसी रमोला को विधायक गणेश जोशी की उपस्थिति में एंबुलेंस की चाबी सौंपी। माताश्री मंगला के कहा कि पूरा देश कोविड-19 संक्रमण से जूझ रहा है। लाखों लोगों को इसके चलते कई संकटों से लड़ना पड़ रहा हैं। ऐसे में यह एंबुलेंस उनके जल्द अस्पताल पहुंचने में सहायक सिद्ध होगी।
2- ऊधमसिंह नगर जिले में हंस फाउंडेशन की मदद से क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं, जहां मरीजों को भर्ती किया जाएगा। यहां तंबू की तरह अलग-अलग वार्ड बांट दिए गए हैं। पर्याप्त स्पेस के साथ ही मरीज के लिए बिस्तर, मच्छरदानी और कुर्सी का इंतजाम किया गया है।
3- फाउंडेशन की तरफ से पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) में 4 करोड़ रुपये दान किए गए हैं। पीएम केयर्स फंड में इस बड़े सहयोग के लिए सीडीएस जनरल बिपिन रावत (CDS General Bipin Rawat) ने भी हंस फाउंडेशन का आभार जताया है।
4- उत्तराखंड को कोविड-19 से लड़ने के लिए हंस फाउंडेशन ने 1 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि प्रदान की। साथ ही फाउंडेशन द्वारा उत्तराखंड के दूरगामी क्षेत्रों में बसे ग्रामीणों तक निरंतर खाद्य सामग्री भी पहुंचाई गई।
5- हंस फाउंडेशन कोविड-19 संक्रमण के चलते देशभर में लॉकडाउन में फंसे कमजोर और जरूरतमंद तबके के लोगों के लिए ऑपरेशन नमस्ते के जरिए निरंतर मदद पहुंचा रहा है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और देश के तमाम दूसरे राज्यों में हंस फाउंडेशन सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए डिजिटल इंडिया के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों तक राशन, मास्क और तमाम दूसरी सेवाएं प्रदान की गईं।
6- लॉकडाउन शुरू होने के बाद ही उत्तराखंडियों की मदद के लिए सबसे बड़ा दानदाता संगठन हंस फाउंडेशन आगे आया। माताश्री मंगला जी और भोले जी महाराज के निर्देशन में ‘द हंस फाउंडेशन’ ने कोरोना वायरस के चलते फंसे नागरिकों की सहायता के लिए ‘ऑपरेशन नमस्ते’ शुरू किया। कहा गया कि उत्तराखंड के लोग देश के जिस भी राज्य में फंसे हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। हंस फाउंडेशन की कोशिश है कि वे जहां हैं, वहीं रहें। उनके खाने-पीने के राशन की व्यवस्था फाउंडेशन द्वारा कराई जाएगी।




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