Home उत्तराखंड न्यूज़ VIDEO: आपदा पीड़ितों से मिलकर लौट रहे धारचुला विधायक उफनते नाले में बहे, बाल-बाल बचे
उत्तराखंड न्यूज़पिथौरागढ़

VIDEO: आपदा पीड़ितों से मिलकर लौट रहे धारचुला विधायक उफनते नाले में बहे, बाल-बाल बचे

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के मोरी गांव में आपदा पीड़ितों से मिलकर लौट रहे धारचूला के विधायक हरीश धामी चिमड़ियागाड़ नाले में तेजी से आए मलबे के साथ कुछ दूर तक बह गए। साथ चल रहे पार्टी कार्यकर्ताओं ने किसी तरह पकड़कर उनकी जान बचाई और डॉक्टरों को बुलाकर प्राथमिक उपचार कराया। उन्हें हल्की चोटें आई हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विधायक उफनते नाले को पार कर रहे थे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव में बहने लगे। मलबे का बहाव इतना तेज था कि वह करीब 10 मीटर तक बह गए। साथियों ने किसी तरह उनको बचाया। बोल्डरों की चपेट में आने से विधायक के हाथ, पैर और माथे पर चोटें भी आई हैं।

घटना का देखें वीडियो –

 

पिथौरागढ़ में पिछले कई दिनों से तेज बारिश हो रही है। कई जगह बादल फटने की घटनाएं भी हुई हैं। इनमें जानमाल का भी काफी नुकसान हुआ है। सेना और एसडीआरएफ के जवान प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के प्रयासों में लगे हैं। बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन से कई पुल और संपर्क मार्ग बह गए हैं। इसके चलते गांवों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

 

इस बीच, आपदा प्रभावित बंगापानी में सेना और एसडीआरएफ के 42 जवान लुमती और बगीचाबगड़ में तीन दिनों से फंसे 80 से अधिक लोगों को निकालने में सफल हुए हैं। यहां जवानों ने मौत को मात देते हुए उफनाती दुगड़ी नदी के ऊपर रस्सी और ड्रम बांधकर 50 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके अलावा आपदा क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने के लिए कोशिश जारी है।

लुमती और बगीचाबगड़ गांव में बारिश और भूस्खलन ने दोनों गांवों को जोड़ने वाला पुल टूट गया है। लगातार बारिश के कारण सेना को हेलीकॉप्टर से राहत अभियान चलाने में दिक्कत आ रही है। देर शाम दो घंटे के ऑपरेशन में सेना और एसडीआरएफ ने उफनाती नदी के ऊपर तार और ड्रम बांधकर 18 लोगों को सुरक्षित निकाला। वहीं शाम तक जवानों ने कुल 50 लोगों को आपदाग्रस्त गांव से बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।

 

आपदा पीड़ितों का सेना ने किया रेस्क्यू, देखें वीडियो –

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...