Saturday , 12 September 2026
Home ताज़ा ख़बर नंदा देवी राजजात यात्रा–2026 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न
ताज़ा ख़बरउत्तराखंड न्यूज़देहरादून

नंदा देवी राजजात यात्रा–2026 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन एवं माननीय पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में नंदा देवी राजजात यात्रा–2026 की तैयारियों की समीक्षा हेतु आज एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड कार्यालय, देहरादून में संपन्न हुई।

सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में डॉ. संदीप तिवारी, जिलाधिकारी चमोली, सुरेन्द्र सिंह सामंत, संयुक्त निदेशक पर्यटन एवं नंदा देवी राजजात यात्रा के नोडल अधिकारी, तथा मां नंदा देवी राजराजेश्वरी सिद्धपीठ कुरुड़ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान सचिव पर्यटन द्वारा नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग पर किए जा रहे विकास कार्यों एवं आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी, चमोली द्वारा अब तक की प्रगति से संबंधित एक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

सचिव पर्यटन ने यात्रा के सफल, सुचारु एवं समुदाय-आधारित संचालन को सुनिश्चित करने हेतु संबंधित सभी विभागों को समयबद्ध रूप से अपनी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से यात्रा मार्ग पर पेयजल, शौचालय, ठहराव स्थल, आवागमन एवं संचार जैसी सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को शीघ्र पूर्ण करने पर बल दिया।

इसके अतिरिक्त सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर स्थित सभी प्रमुख विराम स्थलों, विशेषकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में, चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ एवं सुचारु रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक तथा पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।

इस अवसर पर सचिव पर्यटन द्वारा यह भी रेखांकित किया गया कि नंदा देवी राजजात यात्रा, जो प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित की जाती है, आगामी सितंबर 2026 में प्रस्तावित है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक यात्रा की सफल मेजबानी हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

ओपीयू-आईवीएफ तकनीक से साहीवाल गाय ने दिया बद्री बछिया को जन्म

गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर और राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान...