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यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के पालीगाड से जानकीचट्टी के हिस्से को चौड़ीकरण किया जाना अतिआवश्यक

इस साल यात्रा के शुरुआत में ही रिकार्ड संख्या में श्रद्धालुओं एवं वाहनों का आगमन हुआ है। वाहनों के अत्यधिक दबाव के चलते यमुनोत्री मार्ग के पालीगाड से लेकर जानकीचट्टी तक के संकरे हिस्से में यातायात के सुचारू संचालन को लेकर काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

लोकेंद्र सिंह बिष्ट

चारधाम राजमार्ग परियोजना को लेकर के सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी के द्वारा यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के पालीगाड से जानकीचट्टी तक के हिस्से का स्थलीय निरीक्षण किया गया है। इस हिस्से में मौजूदा सिंगल लेन सड़क का चारधाम आल वेदर रोड परियोजना के चौड़ीकरण किया जाना प्रस्तावित है।

जानकीचट्टी में हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस ए के सीकरी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित स्थानीय लोगों के प्रतिनिधियों से भेंट कर उनके विचार जाने।

इस मौके पर जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि चारधाम यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री धाम से होती है। यमुनोत्री धाम में हर साल तीर्थयात्रियों के आवागमन में अत्यधिक वृद्धि हो रही है।

इस साल यात्रा के शुरुआत में ही रिकार्ड संख्या में श्रद्धालुओं एवं वाहनों का आगमन हुआ है। वाहनों के अत्यधिक दबाव के चलते यमुनोत्री मार्ग के पालीगाड से लेकर जानकीचट्टी तक के संकरे हिस्से में यातायात के सुचारू संचालन को लेकर काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

जिलाधिकारी डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि चारधाम यात्रा देश-विदेश के श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था का परम गंतव्य होने के साथ ही स्थानीय लोगों की आजीविका का प्रमुख जरिया है। लिहाज़ा श्रद्धालुओं की सुविधा और स्थानीय लोगों की अपरिहार्य आवश्यकता को देखते हुए यात्रा को सुव्यवस्थित व सुचारू रूप से संचालित करने के लिए इस सड़क का यथाशीघ्र चौड़ीकरण किया जाना अत्यावश्यक है।

पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, श्याम डोभाल पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, ज्योति प्रसाद उनियाल, पवन उनियाल आदि ने जस्टिस सीकरी को पालीगाड से जानकीचट्टी सड़क के चौड़ीकरण की आवश्यकता से अवगत कराते हुए स्थानीय जनता का पक्ष रखते हुए कहा कि इस कार्य के लिए भूमि का अधिग्रहण और मुआवजे का वितरण पहले ही किया जा चुका है। अधिग्रहित भवन भी ध्वस्त किए जा चुके हैं। लेकिन सड़क का चौड़ीकरण की योजना बाधित होने से इस दूरस्थ व पिछड़े क्षेत्र के ग्रामीणों के जीवन को सुगम बनाने तथा यमुनोत्री धाम की यात्रा को विस्तार देने की संभावनाओं पर काफी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण की पुरजोर मांग करते हुए कहा कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति के भ्रमण से क्षेत्रवासियों की उम्मीदें बलवती हुई हैं।

हाई पावर्ड कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस सीकरी ने कहा कि सभी पक्षों के विचारों और तथ्यों पर कमेटी सम्यकरूप से विचार कर अपने निष्कर्ष तैयार करेगी। निरीक्षण में उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सदस्यों के साथ ही सचिव लोक निर्माण उत्तराखंड शासन डॉ. पंकज पांडेय और जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट भी सम्मिलित रहे।

समिति के भ्रमण के मौके पर राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोक निर्माण विभाग तथा प्रशासन के आधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

परियोजना का संक्षिप्त विवरण :

  • धरासू बैंड से शुरू एनएच-134 विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम की यात्रा का मुख्य मार्ग है। जहां हर साल हजारों तीर्थयात्री आते हैं।
  • चारधाम परियोजना के तहत एनएच-134 को 2-लेन में चौड़ा करने हेतु धरासू से पालीगाड़ तक कार्य प्रगति पर है।
  • एनएच 134 के अंतिम पैकेज में पालीगाड से जानकीचट्टी (24.60 किमी लम्बाई) चौड़ीकरण कार्य 2018 में स्वीकृत लेकिन कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
  • इस हिस्से में मौजूदा सड़क सिंगल लेन है और सड़क के किनारे कई संकरे हिस्से हैं। चारधाम यात्रा के दौरान भारी यातायात प्रवाह के कारण इस क्षेत्र में बार-बार ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा होती है।
  • इस हिस्से में 10 स्थानों पर भूस्खलन एवं भू धंसाव होता है, जहां पर उपचार एवं सुरक्षा कार्य होना है।

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