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21 दिन का लॉकडाउनः मिलिए देवभूमि उत्तराखंड के ‘देवदूतों’ से

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कोरोना वायरस के संक्रमण के भारी खतरे के बावजूद अपनी जिम्मेदारी को खूबसूरत ढंग से निभा रहे उत्तराखंड पुलिस के जवानों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर लोग उन्हें 'देवभूमि के देवदूत' कह रहे हैं।

देश भर में 21 दिन का लॉकडाउन है। आम नागरिकों को सड़कों पर जाने की मनाही है। कोरोना वायरस का संक्रमण न फैले, लिहाजा हर जरूरी ऐहतियात बरती जा रही है। कई जगह पुलिस को उत्साही और लॉकडाउन को तोड़ रहे लोगों पर सख्ती भी करनी पड़ रही है। देवभूमि उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं है। राज्य में भले ही कोरोना के संक्रमण के 4 पॉजिटिव मामलों की पुष्टि हुई है, लेकिन वायरस को फैलने से रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं।

लॉकडाउन के बीच उत्तराखंड में पुलिस का एक दूसरा चेहरा दिख रहा है। यह पुलिस का वह मानवीय पहलू है, जो उसकी प्रचलित छवि के एकदम उलट है। आम धारणा यह होती है कि पुलिस कठोर होती है। लेकिन उत्तराखंड पुलिस के जवान लॉकडाउन के दौरान एक नए ही अवतार में नजर आ रहे हैं। यह है जरूरतमंदों के मददगार। वे लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की मदद के लिए हरसंभव उपाय कर रहे हैं। गरीबों को खाना खिला रहे हैं, बीमारों को दवा पहुंचा रहे हैं। संक्रमण के भारी खतरे के बावजूद अपनी जिम्मेदारी को खूबसूरत ढंग से निभा रहे हैं। यही वजह है कि कुछ लोग मददगार पुलिस की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर उन्हें ‘देवभूमि के देवदूत’ भी कह रहे हैं।

अल्मोड़ा में गरीबों के लिए लगाया मैस

 

सांस्कृतिक नगरी कहे जाने वाले अल्मोड़ा में उत्तराखंड पुलिस के इस चेहरे की हर तरफ चर्चा हो रही है। यहां पुलिस मैस में गरीब और असहाय लोगों के खाने की व्यवस्था की गई है। पुलिस लॉकडाउन का मुस्तैदी से पालन करा रही है, साथ ही गरीबों को खाना भी खिला रही है।

देहरादून में दवा की होम डिलीवरी

 

उत्तराखंड में लॉकडाउन की घोषणा करते समय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा था कि सरकार जरूरत के हर सामान की होम डिलीवरी कराएगी। उत्तराखंड पुलिस के जवान मुख्यमंत्री के इस कथन को सही साबित कर रहे हैं। देहरादून में नेहरू कॉलोनी में एक बुजुर्ग महिला ने जब अपनी बीपी की दवा के लिए कॉल किया तो पुलिस सब इंस्पेक्टर दिलबर सिंह नेगी ने घर जाकर महिला को वह दवा पहुंचाई। पुलिस की इस आत्मीयता से महिला गदगद दिखी।

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हरिद्वार में आईआरबी के जवानों का सामूहिक किचन

 

लॉकडाउन के दौरान हरिद्वार में आईआरबी के जवान सामूहिक किचन लगाकर गरीबों और असहायों को खाना खिला रहे हैं। पुलिस के गरीबों को खाना खिलाने के वीडियो उत्तराखंड पुलिस के ट्विटर हैंडिल से भी साझा किए गए हैं।

ऐसी ही एक तस्वीर टनकपुर से भी सामने आई। लॉकडाउन के बीच टनकपुर में बेसहारा बुजुर्ग महिला की मदद को पुलिस के जवान बिहारी_लाल आगे आए। बेसहारा बुजुर्ग महिला के लिए खाने की व्यवस्था की और उन्हें विश्वास दिलाया कि हर दिन खाना पुलिस की मैस से खिलाया जाएगा।

दरअसल, पुलिस को स्पष्ट निर्देश हैं कि लॉकडाउन के दौरान लोगों के प्रति मददगार और मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं। इस दौरान पुलिस ज्यादती की शिकायतें नहीं आनी चाहिए। पुलिस को अपना संयम और सतर्कता बनाए रखनी है। डीआईजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार के मुताबिक, पुलिस की छवि सकारात्मक होनी चाहिए, क्योंकि ये सब जनता के लिए किया जा रहा है।

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Hill Mail

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