भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल नवीन कुमार थपलियाल ने सोमवार को प्रतिष्ठित मिलिट्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मिलिट), पुणे के कमांडेंट का कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने रियर एडमिरल वी. गणपति का स्थान लिया, जिनके नेतृत्व में संस्थान ने तकनीकी शिक्षा और संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।
मेजर जनरल थपलियाल भारतीय सेना के उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान परिचालन, तकनीकी तथा स्टाफ नियुक्तियों में उत्कृष्ट योगदान दिया है। उनके पास विभिन्न स्तरों पर नेतृत्व और प्रशासन का व्यापक अनुभव है।
वे इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर, रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय में ब्रिगेडियर मिलिट्री सेक्रेटरी तथा मेजर जनरल ईएमई, केंद्रीय कमान जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। हाल ही में वे मुख्यालय 101 एरिया में चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर तैनात थे। इन नियुक्तियों के दौरान उन्होंने सैन्य तकनीक, लॉजिस्टिक्स, परिचालन तैयारी और संगठनात्मक नेतृत्व के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेजर जनरल थपलियाल राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (एनडीसी), कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट (सीडीएम) और मिलिट के पूर्व छात्र रहे हैं। ऐसे में मिलिट के कमांडेंट के रूप में उनकी नियुक्ति को संस्थान में उनकी “घर वापसी” के रूप में देखा जा रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में मिलिट्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तकनीकी उत्कृष्टता, नवाचार और संयुक्त व्यावसायिक सैन्य शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकेगा। भारतीय सशस्त्र बलों के लिए अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने वाले इस संस्थान के लिए उनका कार्यभार ग्रहण करना एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
मिलिट्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों को उन्नत तकनीकी एवं प्रबंधन प्रशिक्षण प्रदान करने वाला देश का प्रमुख त्रि-सेवा संस्थान है। यह संस्थान आधुनिक सैन्य तकनीकों, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नेटवर्क-केंद्रित युद्धक क्षमताओं और रक्षा प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता विकसित करने के लिए जाना जाता है।
मेजर जनरल नवीन कुमार थपलियाल मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के निवासी हैं। भारतीय सेना के प्रतिष्ठित त्रि-सेवा तकनीकी संस्थान मिलिट्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MILIT), पुणे के कमांडेंट के रूप में उनकी नियुक्ति उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उनकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और यह दर्शाती है कि कठिन परिश्रम, समर्पण तथा उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता के बल पर देश की सर्वोच्च जिम्मेदारियों तक पहुंचा जा सकता है।






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