Home उत्तराखंड न्यूज़ धारधाम की तैयारियों को लेकर एनडीएमए द्वारा श्रीनगर, धारी देवी और चमधार में किया गया मॉक ड्रिल
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरपौड़ी गढ़वाल

धारधाम की तैयारियों को लेकर एनडीएमए द्वारा श्रीनगर, धारी देवी और चमधार में किया गया मॉक ड्रिल

चारधाम यात्रा 2023 की तैयारियों हेतु राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा आयोजित मॉक अभ्यास में प्रतिभागिता के संबंध में जनपद पौड़ी के श्रीनगर क्षेत्र में आपदा से बचाव एवं राहत कार्य का मॉक अभ्यास किया गया।

मॉक अभ्यास के तहत जनपद में 3 घटनास्थल चिन्हित किये गये थे। श्रीनगर में स्थित डुंगरीपंथ को भूकंप की घटना, धारी देवी मंदिर के पास भगदड़ से डुबने तथा चमधार के पास भूस्खलन होने की घटनाएं चिन्हित् की गयी थी।

सर्वप्रथम जनपद कंट्रोल रूम को स्थानीय पटवारी के माध्यम से प्रातः 09ः50 बजे दूरभाष पर सूचना प्राप्त हुई कि श्रीनगर के डूंगरी पंथ में भूकंप आया है, जिसके पश्चात जनपद का आईआरएस (इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम) तुरन्त अलर्ट हो गया तथा जो भी साधन जिसके पास उपलब्ध थे तत्काल हर कोई आईआरएस टीम का सदस्य जनपद आपदा कंट्रोल रूम की ओर रवाना हुआ। आईआरएस टीम के रेस्पॉन्सिबल अधिकारी जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान तथा ऑपरेशनल यूनिट प्रभारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे सहित आईआरएस के महत्वपूर्ण सदस्य तुरन्त जनपद आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे।

जिलाधिकारी द्वारा समस्त इंसीडेंट की कमान संभाल कर आपदा से बचाव एवं समस्त कार्यो के संबंध में तत्काल जरूरी दिशा-निर्देश जारी किये तथा आईआरएस के सभी सदस्यों और विभागों द्वारा अपने-अपने संसाधनों व टीम सदस्यों के साथ अपनी रिर्पोटिंग प्रस्तुत की। इसी बीच तहसील श्रीनगर के अंतर्गत आने वाले स्थानीय विभागीय कार्मिक मौके पर घटना स्थल के लिए रवाना हुए तथा एनडीआरएफ व एसडीआरएफ को भी मौके पर पहुंचने की सूचना दी गयी। इसी दौरान जनपद कंट्रोल रूम को अलग-अलग समय सूचना प्राप्त हुई कि डुंगरीपंथ में 3 मकान गिरने से 7 से 8 लोगों के दबने की संभावना हैं, भूकंप से भगदड़ के चलते धारी देवी मंदिर के पास 12 से 15 लोग नदी में बहने व डूबने तथा चमधार में भूस्खलन होने से यातायात व्यवस्था बाधित हुई है।

सूचना के क्रम में तत्काल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, फायर बिग्रेड, तहसीलकर्मी सहित अन्य विभागों की टीमें घटनास्थल की ओर मौके पर पहुंची तथा लोगों को बचाने के कार्य में जुट गयी। जिलाधिकारी द्वारा पहले 1 घण्टें गोल्डन ऑवर में अधिक से अधिक लोगों के जीवन को बचाने के कार्य को उच्च प्राथमिकता में लेने के निर्देशों के क्रम में बचाव टीम तत्काल बचाव में जुट गयी। डूंगरी पंथ में 5 लोग मकान के गिरने से दबे थे जिनमें से 3 व्यक्ति सामान्य पाये गये जबकि 2 को अस्पताल रवाना किया गया। धारी देवी में भगदड़ की घटना में कुल 15 लोग नदी में बह रहे थे जिसमें से 11 लोगों को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस व स्थानीय टीम द्वारा सामान्य तरीके से रेस्क्यू किया गया जबकि अन्य 4 लोग जो गंभीर रूप से घायल थे, उनको प्राथमिक गहन चिकित्सा हेतु एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया।

इसी तरह चमधार में आये भूस्खलन से बाधित हुए यातायात को लोनिवि. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व स्थानीय टीम के द्वारा मौके पर आवश्यकतानुसार जेसीबी तैनात करके सड़क मार्ग को यातायात के लिए पुनः बहाल कर दिया गया।

मॉक अभ्यास संपन्न होने के पश्चात जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी आईआरएस टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। ब्रीफिंग के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मॉक अभ्यास को हमेशा वास्तविक घटना के तौर पर लेना चाहिए ताकि हमारी आपदा से निपटने की प्रतिक्रिया ठीक तरह से संपादित हो सके। आईआरएस के सभी सदस्यों को अपने-अपने दायित्वों का बेहतर ज्ञान होना चाहिए तथा इसके लिए समय-समय पर नई तकनीकों से अपडेट रहना चाहिए। मॉक अभ्यास में घटना घटित होने के तत्पश्चात् बहुत से प़क्षों और चीजों पर ध्यान देना चाहिए जो चीजें घटना के दौरान घटित हो सकती है तथा उसको रिकवर करने के लिए हमें जो भी तैयारी करनी होती है, की जानी चाहिए। सभी का आपस में बेहतर समन्वय होना चाहिए तथा कोई भी विभाग या अधिकारी व्यक्तिगत योगदान देने वाला नही दिखना चाहिए बल्कि एक पूरा टीम वर्क केन्द्रित बचाव एवं राहत अभियान दिखना चाहिए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ब्रीफिंग के दौरान कहा कि आईआरएस को स्वंय एक्टिव होना चाहिए, उन्होंने कहा कि हो सकता है कि आपदा से कम्यूनिकेशन सिस्टम ध्वस्त हो जाए तो उस दशा में सूचना आदान-प्रदान कैसे संभव होगा इस पर भी काम करना होगा। इसलिए केवल जनपद कंट्रोल रूम की सूचना पर ही निर्भर न रहकर आईआरएस के प्रत्येक सदस्य को अपने विवेक और आईआरएस के अंतर्गत किये गये दायित्वों के अनुरूप कार्य करने चाहिए।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

पौड़ी में ARTO की बड़ी कार्रवाई, ऐप से बुक की बाइक तो खुली पोल; दो निजी बाइकें सीज

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में ऐप आधारित राइड सर्विस के जरिए निजी...