शिविर के दौरान डॉ. निशांत एवं उनकी टीम ने किसानों के पशुओं की स्वास्थ्य जांच की और आवश्यकतानुसार उपचार भी किया। विशेषज्ञों ने पशुपालकों को पशुओं में होने वाली विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं, उनके लक्षण, बचाव और समय पर उपचार के महत्व की जानकारी दी। टीम ने पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के साथ ही उनकी उचित देखभाल और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित आहार, पर्याप्त पोषण, स्वच्छता, समय पर टीकाकरण और वैज्ञानिक पशु प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल उपचार ही नहीं, बल्कि संतुलित पोषण और नियमित देखभाल भी जरूरी है। किसानों को पशुओं की जरूरत के अनुसार आहार देने तथा स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित किसान गोष्ठी में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे पशुपालकों ने पशुपालन से जुड़ी अपनी समस्याएं और अनुभव विशेषज्ञों के साथ साझा किए। किसानों ने पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल से संबंधित कई सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने किसानों की समस्याओं को सुनकर उन्हें व्यावहारिक समाधान और आवश्यक सुझाव दिए। साथ ही पशुओं के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने और समय-समय पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को SS बाल्टियां एवं मिनरल मिक्सचर भी वितरित किए गए। सामग्री प्राप्त करने पर किसानों ने खुशी जताई। विशेषज्ञों ने मिनरल मिक्सचर के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि यह पशुओं के आहार में आवश्यक खनिजों की पूर्ति करने में सहायक होता है। इसके उपयोग से पशुओं के पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन में मदद मिल सकती है।
शिविर में बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी से ग्रामीण पशुपालकों में पशु स्वास्थ्य और वैज्ञानिक पशुपालन को लेकर रुचि दिखाई दी। किसानों ने कहा कि गांव के नजदीक विशेषज्ञों की टीम पहुंचने से उन्हें अपने पशुओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर सीधे सलाह और उपचार प्राप्त करने का अवसर मिला। इससे समय और संसाधनों की बचत के साथ पशुओं की बेहतर देखभाल में भी मदद मिलेगी।
पशुपालकों ने NDRI और गौमुख डेरी की इस पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे शिविर और किसान गोष्ठियां आयोजित होने से पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों और पशु चिकित्सा सेवाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण आयोजित करने की मांग की। तल्ला बनास में आयोजित यह शिविर ग्रामीण पशुपालकों तक पशु चिकित्सा सेवाएं और वैज्ञानिक पशुपालन की जानकारी पहुंचाने की दिशा में उपयोगी पहल रहा।




Leave a comment