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श्री केदारनाथ यात्रा में सात हजार नहीं, पांच हजार घोड़े-खच्चर होंगे संचालित

केदारनाथ यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए यात्रा मार्ग में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों पर इंटरनल मॉनीटरिंग टैग (चिप) लगाने के निर्देश जिलाधिकारी ने संबंधित संस्थाओं को दिए। जिसमें घोड़े-खच्चर स्वामी व संचालक का पूर्ण विवरण, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की वैद्यता आदि के संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुव्यस्थित ढंग से संचालित करने के लिए यात्रा मार्ग में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के साथ किसी तरह से कोई पशु क्रूरता न हो इसके लिए जिलाधिकारी सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक विगत दिवस आयोजित की गई थी।

इस बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शासन द्वारा 01 मई, 2023 को जारी आदेशों के अनुपालन में केदारनाथ यात्रा मार्ग में कुल 5 हजार घोड़े-खच्चरों का ही संचालन किया जाएगा। जिसमें 4 हजार यात्रा हेतु एवं 1 हजार माल ढुलान हेतु निर्धारित किया गया है।

बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करना सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की कोई शिथिलता एवं लापरवाही न बरती जाए।

उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के साथ किसी तरह से कोई पशु क्रूरता न हो इसके लिए हर माह स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र निर्गत किया जाए। एक माह के बाद यदि स्वास्थ्य परीक्षण में घोड़े-खच्चर स्वस्थ पाए जाते हैं, तभी उन्हें दोबारा स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र निर्गत किया जाए।

जिलाधिकारी ने यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए यात्रा मार्ग में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों पर इंटरनल मॉनीटरिंग टैग (चिप) लगाने के निर्देश संबंधित संस्थाओं को दिए। जिसमें घोड़े-खच्चर स्वामी व संचालक का पूर्ण विवरण, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की वैद्यता आदि के संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। टैग के माध्यम से ही घोड़े-खच्चर संचालन के लिए रोस्टर की जानकारी स्वामी व संचालक को उपलब्ध हो सकेगी।

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Hill Mail

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