Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ आस्था का महासागर: केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही पहले दिन उमड़ा 38 हजार श्रद्धालुओं का सैलाब
उत्तराखंड न्यूज़चमोलीरुद्रप्रयाग

आस्था का महासागर: केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही पहले दिन उमड़ा 38 हजार श्रद्धालुओं का सैलाब

कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह 5 बजे से ही शुरू हो गई थी। मंदिर के गर्भगृह में रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, विधायक आशा नौटियाल और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी सहित कई गणमान्य लोगों ने विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर इस दिव्य अवसर को और भव्य बनाया गया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ इस अवसर पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, मंदिर को 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।

इस शुभ अवसर पर पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। प्रधानमंत्री ने भी इस पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम और चारधाम यात्रा भारत की आस्था, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है।

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का भी विधिवत शुभारंभ हो गया है। यह यात्रा देश के चार प्रमुख तीर्थ स्थलों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—को जोड़ती है और हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।

आस्था, विश्वास और भक्ति का यह अद्भुत संगम एक बार फिर साबित करता है कि बाबा केदार के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था अटूट है। “हर-हर महादेव” के जयकारों के बीच शुरू हुई यह यात्रा पूरे देश में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रही है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...