प्राप्त जानकारी के अनुसार, चौकी प्रभारी विनोद शर्मा सोमवार रात मुनिकीरेती थाने में ड्यूटी पर तैनात थे। मंगलवार सुबह नाइट ड्यूटी समाप्त करने के बाद वह अपनी निजी कार से शिवपुरी चौकी की ओर नियमित गश्त के लिए रवाना हुए थे। सुबह करीब छह बजे जब उनकी कार ब्रह्मपुरी क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हादसे के दौरान वहां से गुजर रहे राहगीरों ने खाई में गिरे वाहन को देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मुनिकीरेती पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे। खाई की गहराई और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीम जब दुर्घटनास्थल पर पहुंची तो कार पूरी तरह चकनाचूर हालत में मिली। वाहन से कुछ दूरी पर चौकी प्रभारी विनोद शर्मा गंभीर रूप से घायल और बेसुध अवस्था में पड़े मिले। बचाव दल ने उन्हें प्राथमिक उपचार देते हुए स्ट्रेचर के माध्यम से बाहर निकाला। क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए एसडीआरएफ जवानों ने उन्हें राफ्ट के जरिए फूलचट्टी तक पहुंचाया, जहां से एंबुलेंस द्वारा तत्काल एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया।
एम्स में चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन हादसे में आई गंभीर चोटों के कारण उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉक्टरों द्वारा मृत्यु की पुष्टि किए जाने के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई।
विनोद शर्मा अपनी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सौम्य व्यवहार के लिए जाने जाते थे। स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी अच्छी छवि थी। पुलिस अधिकारियों और सहकर्मियों ने उन्हें एक समर्पित और जिम्मेदार अधिकारी बताते हुए उनकी असामयिक मृत्यु को विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्वेता चौबे ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विनोद शर्मा एक मेहनती और ईमानदार पुलिस अधिकारी थे, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया। एसएसपी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा पुलिस विभाग उनके परिवार के साथ खड़ा है।
उधर, हादसे की खबर मिलते ही विनोद शर्मा के परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार ऋषिकेश पहुंच गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों और पुलिस कर्मियों ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि तकनीकी और अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और सतर्क वाहन संचालन की आवश्यकता को उजागर किया है। वहीं, कर्तव्य पथ पर रहते हुए एक पुलिस अधिकारी की असमय मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को शोकाकुल कर दिया है।




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