प्रधानमंत्री ने अपनी मन की बात में उत्तराखंड के पहाड़ी फल बेडू का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वास्तव में बेडू स्वास्थ्य के लिए संजीवनी है इस फल को खाने से शरीर को अनेक रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है।
प्रधानमंत्री के मन की बात की 92वीं कड़ी प्रसारित की गई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कई प्रकार के औषधि और वनस्पतियां पाई जाती हैं। जो हमारे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। उन्हीं में से एक फल है बेडू। इसे, हिमालयन फिग के नाम से भी जाना जाता है। इस फल में, खनिज और विटामिन भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। लोग, फल के रूप में तो इसका सेवन करते ही हैं, साथ ही कई बीमारियों के इलाज में भी इसका उपयोग होता है। इस फल की इन्हीं खूबियों को देखते हुए अब बेडू के जूस, इससे बने जैम, चटनी, अचार और इन्हें सुखाकर तैयार किए गए ड्राई फ्रूट को बाजार में उतारा गया है। पिथौरागढ़ प्रशासन की पहल और स्थानीय लोगों के सहयोग से, बेडू को बाजार तक अलग-अलग रूपों में पहुंचाने में सफलता मिली है। बेडू को पहाड़ी अंजीर के नाम से इतंदकपदह करके वदसपदम उंतामज में भी उतारा गया है। इससे किसानों को आय का नया स्त्रोत तो मिला ही है, साथ ही बेडू के औषधीय गुणों का फायदा दूर-दूर तक पहुंचने लगा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे कुछ समय पहले एक श्रोता का पत्र मिला। इस पत्र में पहाड़ों की कई खूबियों का ज़िक्र किया है। उन्होंने लिखा, कि पहाड़ों पर बस्तियां भले ही दूर-दूर बसती हों, लेकिन, लोगों के दिल, एक-दूसरे के, बहुत नजदीक होते हैं। वाकई, पहाड़ों पर रहने वाले लोगों के जीवन से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। पहाड़ों की जीवनशैली और संस्कृति से हमें पहला पाठ तो यही मिलता है कि हम परिस्थितियों के दबाव में ना आएं तो आसानी से उन पर विजय भी प्राप्त कर सकते हैं, और दूसरा, हम कैसे स्थानीय संसाधनों से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में सुना। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहाड़ी अंजीर कहे जाने वाले बेडू का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने पिथौरागढ़ प्रशासन के द्वारा बेडू के उत्पादन को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन व खनिज एवं वनस्पतियों के संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तव में बेडू स्वास्थ्य के लिए संजीवनी है, जिसके माध्यम से स्थानीय लोगों द्वारा अनेक रोगों का शमन किया जाता है।
इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष चौहान से फोन पर बात कर इस सराहनीय पहल के लिए जिला प्रशासन एवं जनपद वासियों को बधाई दी। जिला प्रशासन के सहयोग से पिथौरागढ़ में बेडू से जूस, जैम, चटनी, आचार एवं अन्य सामग्री बनाई जा रही है।
बेडू के ऊपर उत्तराखंड का एक गाना भी बहुत प्रसिद्ध हुआ है और यह गाना है बेडू पाको बारो मासा, ओ नरणी काफल पाको चैता मेरी छैला…। बेडू के फल खाने से यह हमारे शरीर को अनेक बीमारियों से बचाता है। इस फल को खाने से कब्ज, तंत्रिका विकार, जिगर की परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
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