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28 लोगों की मौजूदगी में खुले बदरीनाथ धाम के कपाट, पीएम मोदी के नाम से हुई पहली पूजा

राज्य सरकार की ओर से अभी श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा की अनुमति नहीं दी गई है, इसलिए कपाट खुलने के अवसर पर भक्तों से भरा रहने वाला बद्रीनाथ धाम सुनसान था। 

बदरीनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर पूरे विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। कपाट खोलने की प्रक्रिया रात 3 बजे से ही शुरू हो गई थीं। रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान गुरु शंकराचार्यजी की गद्दी, उद्धवजी, कुबेरजी की पूजा की गई। कपाट खुलने के बाद लक्ष्मी माता को परिसर स्थित मंदिर में स्थापित किया। भगवान बद्रीनाथ का तिल के तेल अभिषेक किया गया। कपाट खोले जाने के दौरान मुख्य पुजारी समेत 28 लोग मौजूद थे। कपाट खोले जाने से पूर्व मंदिर परिसर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। कोरोना लॉकडाउन के मद्देनजर बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीख में बदलाव किया गया था। राज्य सरकार की ओर से अभी श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा की अनुमति नहीं दी गई है, इसलिए कपाट खुलने के अवसर पर भक्तों से भरा रहने वाला बद्रीनाथ धाम सुनसान था।

भगवान बद्रीविशाल की प्रथम पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हुई। पूजा में देश के कल्याण आरोग्यता के लिए प्रार्थना की गई। इससे बाद भक्तों के नाम से ऑनलाइन बुक हो चुकी पूजाएं की जाएगी।

प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पर्यटन धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने पर शुभकामनाएं दी हैं।

https://www.facebook.com/tsrawatbjp/videos/288615245500558/

 

इससे पहले, बुधवार को पुजारी जोशीमठ नरसिंह मंदिर में पूजा अर्चना के बाद आदिगुरु शंकराचार्य की गद्दी तथा गाडू घड़ा (तेल कलश) को साथ लेकर योगध्यान मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचे थे। इससे पहले जोशीमठ के नृसिंह मंदिर जोशीमठ में पूजा-अर्चना यज्ञ-हवन किया गया। बृहस्पतिवार की शाम उद्धव और कुबेर के विग्रहों के साथ मुख्य पुजारी रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी समेत चारधाम देवस्थानम बोर्ड के कर्मचारी और हक हकूकधारी ग्रामीण बदरीनाथ धाम पहुंचे।

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