यूनियन के अध्यक्ष संजीव सिसोदिया और शाखा मंत्री हरेंद्र कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। कर्मचारियों का कहना था कि दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि नियमित रूप से काम करने के बावजूद वेतन में लगातार देरी होने से कर्मचारियों के सामने घरेलू खर्च और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई पैदा हो रही है।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने प्रबंधन के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखीं। यूनियन की ओर से कहा गया कि पिछले दो माह का बकाया वेतन जल्द से जल्द जारी किया जाए। इसके अलावा भविष्य में कर्मचारियों को हर महीने की सात तारीख तक वेतन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कर्मचारियों ने कहा कि वेतन भुगतान में अनियमितता लंबे समय से परेशानी का कारण बन रही है, इसलिए इसके स्थायी समाधान के लिए निगम प्रबंधन को ठोस नीति बनानी चाहिए।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों के लिए समय पर वेतन मिलना उनकी मूल आवश्यकता है। वेतन में लगातार देरी होने से कर्मचारियों की आर्थिक योजनाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने प्रबंधन से मांग की कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जाए, ताकि आने वाले समय में कर्मचारियों को इस तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
धरने में सौरभ चौधरी, नवाब राणा, प्रवीण कुमार, योगेश जावला, धर्मेंद्र राठी, नरेश कुमार, लाखन सिंह, ज्ञानदास, अंकित सैनी, विकास सैनी, मांगे राम, रचित कुमार, अमित शर्मा, ललता सिंह, सुमित, जुल्फकार, राजू राणा, रविंद्र सिंह, मोहत कुमार और सुगनवीर समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई। उनका कहना था कि यदि बकाया वेतन का भुगतान जल्द नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। यूनियन ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को प्रांतीय स्तर तक ले जाया जाएगा।
धरने के बाद यूनियन प्रतिनिधियों ने रोडवेज प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता भी की। प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों की समस्याओं को सामने रखते हुए बकाया वेतन जारी करने और वेतन भुगतान की व्यवस्था नियमित करने की मांग दोहराई। वार्ता के दौरान संगठन की ओर से कर्मचारियों की आर्थिक परेशानियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में उनके वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। यूनियन ने प्रबंधन से मांग की कि कर्मचारियों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए और वेतन भुगतान के लिए स्पष्ट व्यवस्था तैयार की जाए।
कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन वेतन संबंधी समस्या के समाधान तक जारी रह सकता है। यूनियन के मुताबिक, यदि प्रबंधन की ओर से जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगामी दिनों में आंदोलन को प्रदेश स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। फिलहाल आइएसबीटी परिसर में हुए धरने के माध्यम से कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन और नियमित भुगतान की मांग को प्रमुखता से उठाया है।


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