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स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एसबीआई आरसेटी ने ग्रामीणों को दिया 10 दिवसीय प्रशिक्षण

भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान आरसेटी रुद्रप्रयाग द्वारा विकास खंड जखोली के बजीरा गांव में 27 महिलाओं को 10 दिवसीय अचार, पापड़, मसाला पाउडर बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने बनाए मंडूवा लड्डू, कंडाली पापड, अदरक कैंडी, फलों का जैम, सहित विभिन्न प्रकार के अचार

स्वरोजगार को बढावा देने के लिए सरकार और उससे जुड़ी संस्थायें लोगों के जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए अनेक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन करती रहती है। इसी सिलसिले में एसबीआई ने भी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया है जिसमें आसपास के गांव के लोगों ने आकर इसमें हिस्सा लिया और इस शिविर का लाभ उठाना। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ 13 मई सेे हुआ जिसका समापन 22 मई को हो गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरसेटी के डोमेन स्कील ट्रेनर पंकज तिवारी रहे जिन्होंने महिलाओं को विभिन्न प्रकार के अचार जैसे लहसून, नींबू हरी मिर्च, अदरक आदि के साथ मंडूवा लड्डू सूजी पापड, कण्डाली पापड, मंडुवा पापड, अदरक कैंडी की महत्वपूर्ण जानकारी गई। वहीं आरसेटी निदेशक किशन रावत ने बैंकिंग की जानकारी दी साथ ही कहा कि वर्तमान समय में जैविक उत्पादों का मार्केट लगातार बढता जा रहा है और उसमें हमारे पहाड़ी उत्पादों की मांग भी बढ़ती जा रही है।

आरसेटी के प्रशिक्षण एवं कार्यक्रम संयोजक वीरेन्द्र सिंह बत्र्वाल द्वारा भी प्रशिक्षणाार्थियों को समय प्रबन्धन, मार्केट सर्वे, जोखिम प्रबन्धन सहित, उद्यमिता विकास स्वरोजगार चयन तथा पर्यटन के साथ जूड़ी स्वरोजगार की गतिविधियों पर जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को उनके द्वारा तैयार कृषि एवं फल, फूल आदि उत्पादों तथा ग्रामीण स्तर पर होनेे वाले उत्पादों का मूल्य सवंवर्धन कैसे किया जा सकता है के बारे में जानकारी दी गयी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अग्रणी बैंक प्रबन्धक चतर सिंह द्वारा द्वारा बताया गया कि एसबीआई आरसेटी ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रयासरत हैै। साथ ही उन्होनें उन्हें बैकिंग से जूड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया। वहीं इस अवसर पर सहायक खण्ड विकास अधिकारी सुरेश शाह ने ब्लाॅक स्तर से महिलायों को कार्य शुरू करने तथा उसके बाद मार्केट तैयार करने हेतु हर सम्भव मद्द दिलाने की बात कही।

प्रशिक्षण के प्रति महिलाओं में काफी उत्साह के साथ ही आत्मविश्वास में वृद्धि देखने को मिली। प्रशिक्षण ले रहीं महिलाओं ने कहा कि इस प्रकार का प्रशिक्षण गांव में पहली बार हुआ जिसमें महिला ने बढ़चढकर भाग लिया तथा अपना अमूल्य समय निकालकर रूचि के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया और कहा कि भविष्य में इस प्रशिक्षण का लाभ उठाकर वह खुद के स्वरोजगार के क्षेत्र में काम करेंगी।

कई महिलाओं द्वारा प्रशिक्षण के दौरान घर से उत्पाद तैयार किये गये। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस पर प्रशिक्षण के मूल्यांकन हेतु राष्ट्रीय आरसेटी श्रेष्ठता केद्र द्वारा भेजी गयी टीम द्वारा प्रशिक्षण मुल्यांकन किया गया जिसमें लिखित तथा मौखिक परीक्षा का भी आयोजन किया जिसमें सभी प्रशिक्षु पास हुए। समापन अवसर पर अग्रणी बैंक प्रबन्धक चतर सिंह, आरसेटी निदेशक किशन सिंह रावत, सहायक खण्ड विकास अधिकारी जखोली सुरेश शाह ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किये।

इस अवसर पर संदीप पाण्डेय रीप परियोजना के समनव्यक प्रदीप कठैत, स्थानीय काश्तकार महावीर राणा, सहित प्रशिक्षण ले रही बीना देवी, सीमा देवी, सरला, मकानी, अंजलि, संगीता, मनीषा, कुसुम, रक्षा, रिंकी, करिश्मा, फुलमा,दीना, सुषमा देवी आदि उपस्थित रहे।

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Hill Mail

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