बदरीनाथ के अभिषेक हेतु तिलों का तेल पिराई, गाड़ू घड़ा यात्रा शुरू

बदरीनाथ के अभिषेक हेतु तिलों का तेल पिराई, गाड़ू घड़ा यात्रा शुरू

नरेंद्रनगर राजदरबार से बदरीनाथ धाम के लिए गाड़ू घड़ा (अभिषेक तेल कलश) यात्रा का शुभारंभ हो गया है। धार्मिक विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद यह परंपरागत यात्रा विधिवत रूप से प्रारंभ की गई।

इस अवसर पर टिहरी की सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। राजपरिवार की महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार तिलों का तेल पिराया। महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर भगवान बदरीविशाल के अभिषेक हेतु तेल तैयार किया।

तेल पिराई की इस प्रक्रिया को विशेष धार्मिक महत्व के साथ संपन्न किया गया। पूजा के उपरांत तैयार तेल को गाड़ू घड़े में सुरक्षित रखा गया। इसके बाद गाड़ू घड़ा यात्रा बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई।

बताया गया कि यह यात्रा हर वर्ष परंपरा के अनुसार आयोजित की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यही तेल भगवान बदरीनाथ के अभिषेक में उपयोग किया जाता है।

पंडितों द्वारा पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई गई। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया। 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। कपाट खुलने के बाद इसी तेल से भगवान का अभिषेक किया जाएगा।

यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा गाड़ू घड़ा का स्वागत किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने यात्रा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। सुरक्षा और यातायात को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

इस पारंपरिक यात्रा को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। गाड़ू घड़ा यात्रा उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक विरासत का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस पवित्र परंपरा से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और आशीर्वाद बना रहता है।

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