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उत्तर प्रदेश की झांकी को मिला पॉपुलर च्वॉइस कैटेगरी में द्वितीय पुरस्कार

झांकी में बुंदेलखण्ड की संस्कृति के साथ-साथ आधुनिक उत्तर प्रदेश की दिखी झलक

समृद्वि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत थीम पर आधारित उत्तर प्रदेश ने इस बार झांकी में बुंदेलखण्ड की संस्कृति के साथ-साथ आधुनिक उत्तर प्रदेश की झलक भी दिखाई थी। शुक्रवार को नई दिल्ली के राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्र को भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस परेड में 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ ही 13 अलग-अलग मंत्रालयों व विभागों की कुल 30 झांकियां शामिल थी। इसमें पॉपुलर च्वॉइस कैटिगरी के आधार पर उत्तर प्रदेश ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

बुंदेलखण्ड की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर सजाई गई उत्तर प्रदेश की इस झांकी ने सभी को मंत्रमुग्ध कर लिया था। झांकी में कालिंजर दुर्ग की शैल-कला और एकमुख लिंग, बुंदेलखंड की प्राचीन अध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को दिखाया गया था। इसमें बुंदेलखंड की मृद्भांड कला, मनका शिल्प और पारम्परिक हस्तशिल्प, एक जनपद एक उत्पाद, ब्रह्मोस मिसाइल, एक्सप्रेस नेटवर्क और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की झलक थी।

लगातार सातवेें वर्ष मिला उत्तर प्रदेश को सम्मान

उत्तर प्रदेश को गणतंत्र दिवस परेड में आकर्षक झांकी के लिए अनवरत् सातवें वर्ष सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के साथ ही प्रदेश ने देश व अन्य राज्यों के सामने अपनी अलग एक पहचान बनाई है। प्रदेश की आकर्षक झांकी के लिए वर्ष 2020 में द्वितीय, 2021 व 2022 में प्रथम पुरस्कार मिला था। 2023 झांकी को ज्युरी कैटेगरी में तृतीय व पॉपुलर च्वॉइस कैटिगरी में द्वितीय पुरस्कार यूपी के खाते में आया था। 2024 में पॉपुलर च्वॉइस कैटिगरी में द्वितीय पुरस्कार, 2025 में ज्युरी कैटेगरी में प्रथम तथा पॉपुलर च्वॉइस कैटिगरी में द्वितीय पुरस्कार मिला था। वहीं 2026 में भी पॉपुलर च्वॉइस कैटिगरी में प्रदेश की झांकी दूसरे स्थान पर रही।

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Hill Mail

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