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प्रोफेसर वल्दिया ने अपनी आत्मकथा ‘पथरीली पगडंडियों पर’ में अपने जीवन के कई पन्नों को शब्दों में व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जब वह हाई स्कूल में थे तब डॉक्टर बनने का सपना देखते थे। पिथौरागढ़ में हाई स्कूल से आगे की पढ़ाई के लिए तब इंटर कॉलेज नहीं था। उन्होंने क्रिश्चियन कॉलेज लखनऊ में दाखिला लिया।
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प्रोफेसर वल्दिया ने अपनी आत्मकथा ‘पथरीली पगडंडियों पर’ में अपने जीवन के कई पन्नों को शब्दों में व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जब वह हाई स्कूल में थे तब डॉक्टर बनने का सपना देखते थे। पिथौरागढ़ में हाई स्कूल से आगे की पढ़ाई के लिए तब इंटर कॉलेज नहीं था। उन्होंने क्रिश्चियन कॉलेज लखनऊ में दाखिला लिया।
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