नैनीताल से घूमकर वापस लौट रहे सैलानियों की टवेरा टैक्सी गुरुवार को ज्योलीकोट के नंबर-1 बैंड के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों ने तुरंत पुलिस व एसडीआरएफ को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। समय रहते चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते सभी घायल सैलानियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सैलानी नैनीताल में घूमने के बाद टवेरा टैक्सी से अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे। जब वाहन ज्योलीकोट के नंबर-1 बैंड के पास पहुंचा, तभी चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद टैक्सी सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। खाई की गहराई और दुर्गम भूभाग के बावजूद जवानों ने बिना समय गंवाए राहत अभियान शुरू किया। रस्सियों और अन्य बचाव उपकरणों की मदद से एक-एक कर सभी घायलों तक पहुंच बनाई गई। इसके बाद उन्हें सुरक्षित खाई से बाहर निकालकर सड़क तक लाया गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने भी पुलिस और एसडीआरएफ की टीम का सहयोग किया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं और उनकी हालत स्थिर है। हालांकि कुछ लोगों को चोटें आई हैं, जिनका उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि वाहन में सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वाहन के खाई में गिरते ही आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर अन्य लोगों को बुलाया और तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया। यदि सूचना देने और बचाव दल के पहुंचने में देर होती तो हादसा और गंभीर हो सकता था।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को खाई से निकालने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। साथ ही हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है, हालांकि तकनीकी खराबी, चालक की लापरवाही अथवा अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जाएगी।
उत्तराखंड के पर्वतीय मार्गों पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी की आवश्यकता को उजागर करती हैं। विशेष रूप से पर्यटन सीजन के दौरान इन मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। प्रशासन समय-समय पर वाहन चालकों से सतर्कता बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और खराब मौसम में अतिरिक्त सावधानी रखने की अपील करता रहा है।
फिलहाल इस हादसे में सभी सैलानियों का सुरक्षित रेस्क्यू हो जाना राहत की बात है। पुलिस और एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से एक बड़ा हादसा टल गया। दुर्घटना के संबंध में विस्तृत जांच जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।








Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked with *