Home उत्तराखंड न्यूज़ हरिद्वार कोरोना के चलते कुंभ में एक और बड़ा फैसला, शाही स्नान पर हरिद्वार नहीं आएंगी ट्रेनें, जानें कैसे पहुंचेंगे श्रद्धालु
हरिद्वारउत्तराखंड न्यूज़महाकुंभ 2021

कोरोना के चलते कुंभ में एक और बड़ा फैसला, शाही स्नान पर हरिद्वार नहीं आएंगी ट्रेनें, जानें कैसे पहुंचेंगे श्रद्धालु

उत्तराखंड में कोरोना के मामले अब सैकड़ों की संख्या में बढ़ रहे हैं। 2 अप्रैल को 364 नए मामले आए, 31 मार्च को 293 केस आए थे। ऐसे में हरिद्वार कुंभ को लेकर सरकार कोई भी जोखिम लेना नहीं चाहती है।

देश कोरोना की दूसरी लहर से गुजर रहा है। महाराष्ट्र, दिल्ली समेत देश के 12 से ज्यादा राज्यों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार डराने वाली है। ऐसे में लोगों की आस्था का भी ख्याल रखना है और कोरोना को फैलने से भी रोकना है। इसलिए हरिद्वार में कुंभ मेले को सीमित अवधि का करने के बाद गाइडलाइंस जारी की गई। अब शाही स्नान के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को लेकर टेंशन है। इससे बचने के लिए सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। बिंदुवार तरीके से जानिए सरकार की पूरी तैयारी-

  1. कुंभ मेले में शाही स्नान 12 से 14 अप्रैल तक चलेगा, इसे देखते हुए 11 से 14 अप्रैल की अवधि में ट्रेनें हरिद्वार रेलवे स्टेशन तक नहीं आएंगी।
  2. SP GRP मंजूनाथ टीसी ने बताया है कि ट्रेनें ज्वालापुर, रुड़की और लक्सर स्टेंशनों पर रुकेंगी, जहां श्रद्धालु उतर सकेंगे।
  3. इन स्टेशनों से श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र तक ले जाने के लिए शटल बसें चलाई जाएंगी।
  4. बताया जा रहा है कि 12 से 14 अप्रैल के दौरान 700 बसें चलाई जाएंगी। इसका संचालन मेला पुलिस करेगी।
  5. इस बार यात्रियों को स्नान करने के लिए ज्यादा दूर तक पैदल नहीं चलना पड़ेगा। इसकी सबसे बड़ी वजह मेले में भीड़ को नियंत्रित कर कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकना है।
  6. यह बसें श्रद्धालुओं को वापस भी छोड़ेंगी। बसों के रूट तैयार किए जा रहे हैं।
  7. बसों में जीपीएस की व्यवस्था की जा रही है जिससे मेला पुलिस इनका बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सके।
  8. उत्तराखंड परिवहन निगम के हरिद्वार डिपो से 700 बसों की सूची, ड्राइवरों के मोबाइल नंबर आदि मंगाए गए हैं।

 

हरिद्वार कुंभ में बह रही भक्ति की बयार, तस्वीरों में देखिए मेले के बहुमुखी रंग

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...