हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच उत्तराखंड में आपदा प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में विशेष रूप से जोशीमठ आपदा, तमक नाले पर वैली ब्रिज के निर्माण, राहत एवं पुनर्वास कार्यों तथा प्रभावित क्षेत्रों में दीर्घकालिक समाधान को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
मुलाकात के दौरान त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और आपदाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके सुरक्षित पुनर्वास और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए स्थायी व्यवस्थाएं विकसित करना भी जरूरी है।
जोशीमठ आपदा को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। क्षेत्र में आपदा के प्रभाव, प्रभावित लोगों की समस्याओं और पुनर्वास से जुड़े विषयों पर केंद्रीय स्तर पर आवश्यक सहयोग को लेकर त्रिवेंद्र रावत ने गृह मंत्री के समक्ष मुद्दे रखे। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने तथा स्थानीय लोगों की सुरक्षा और आजीविका से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने की बात कही।
तमक नाले पर वैली ब्रिज के निर्माण का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। आपदा और सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक आवाजाही की व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताते हुए इस दिशा में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर चर्चा हुई। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क और पुल जैसी आधारभूत संरचनाओं का महत्व देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राज्य को समय-समय पर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में राहत और बचाव के साथ-साथ आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक एवं स्थायी समाधान तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य को आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर समर्थन की अपेक्षा जताई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आपदा की हर चुनौती के समय उत्तराखंड के साथ मजबूती से खड़ी रही है। केंद्र के सहयोग से राज्य में राहत, पुनर्वास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई कार्यों को गति मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी केंद्र और राज्य के समन्वय से आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जाएगा।
मुलाकात के दौरान गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और नैनीताल सांसद अजय भट्ट भी उपस्थित रहे। तीनों सांसदों की मौजूदगी में उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों और वहां चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री के साथ चर्चा हुई। बैठक को राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत, पुनर्वास और स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








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