पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। गुरुवार सुबह से ही कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर बारिश हुई। ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी से ठंड बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का ताजा अपडेट लेने की सलाह दी है।
रुड़की में एक दिन में 11 डिग्री गिरा अधिकतम तापमान
हरिद्वार जिले में भी गुरुवार को मौसम का असर साफ दिखाई दिया। सुबह से ही रुड़की और आसपास के इलाकों में काले घने बादल छाए रहे। सुबह करीब नौ बजे हल्की बारिश शुरू हुई, जो कुछ घंटों तक रुक-रुककर जारी रही। बारिश के बाद आसमान में बादल बने रहे और दोपहर बाद हल्की धूप निकली।
बारिश के कारण रुड़की के अधिकतम तापमान में एक ही दिन में 11 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस था, वहीं गुरुवार को यह घटकर 21 डिग्री सेल्सियस रह गया। यह सामान्य से 10.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
शहर में 18.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 19.5 डिग्री सेल्सियस से घटकर 18.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। तापमान में गिरावट के चलते लोगों को हल्की ठंडक महसूस हुई। बारिश के कारण बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखने को मिली।
शुक्रवार को भी बारिश और आंधी की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को भी प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पांच जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। हरिद्वार जिले में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का अनुमान है।
मौसम में बदलाव का असर पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
चारधाम और आदि कैलास यात्रा सुचारू
बारिश और बर्फबारी के बीच चारधाम तथा आदि कैलास यात्रा फिलहाल सुचारू बताई गई है। हालांकि, मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह लेने की जरूरत है। लगातार बदलते मौसम के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है।




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