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केन्द्रीय गृह मंत्री असम राइफल्स द्वारा आयोजित ‘Unity Utsav-One Voice, One Nation’ में हुए शामिल

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में असम राइफल्स द्वारा आयोजित ‘Unity Utsav-One Voice, One Nation’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर असम राइफल्स के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि नॉर्थ ईस्ट के लिए एकता शब्द बेहद महत्वपूर्ण है। आज़ादी के कई वर्षों तक नॉर्थईस्ट के इतने बड़े भूभाग की दिल्ली से फिज़िकल और दिल की दूरी बहुत बड़ी थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कनेक्टिविटी के माध्यम से पूर्वोत्तर और दिल्ली के बीच की फिज़िकल और दिलों की दूरी को समाप्त कर दिया है। आज नॉर्थ ईस्ट पूरे भारत का और पूरा भारत नॉर्थ ईस्ट का है। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर के लिए सैकड़ों बजटीय प्रावधान बढ़ाए हैं और पूर्वोत्तर को 3-4 गुना ज्यादा बजट दिया है। उन्होंने कहा कि 2027 तक नॉर्थ ईस्ट के आठों राज्य रेल और हवाई कनेक्टिविटी के माध्यम से दिल्ली के साथ जुड़ जाएंगे।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्थ ईस्ट को अष्टलक्ष्मी के रूप में पूरे भारत में प्रसिद्ध किय़ा है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के सभी 8 राज्य देश को हर तरह से समृद्ध करने में सक्षम हैं। आर्थिक, सांस्कृतिक, सुरक्षा, खेल और अनुसंधान तथा विकास के क्षेत्र में पूर्वोत्तर के युवाओं के लिए अपार अवसर हैं। मोदी सरकार ने पर्यटन से तकनीक, खेल से स्पेस, कृषि से उद्यमिता और बैंकिंग से बिज़नेस तक हर क्षेत्र में नॉर्थ ईस्ट के लिए अनेक संभावनाएं खोलने का काम किया है।

अमित शाह ने कहा कि हमारे नॉर्थ ईस्ट में 220 से अधिक जातीय समूह और 160 से अधिक जनजातियां रहती हैं। यहां 200 से अधिक बोलिया और भाषाएं बोली जाती हैं, 50 से अधिक यूनिक उत्सव मनाए जाते हैं और 30 से अधिक पारंपरिक नृत्य और 100 से अधिक व्यंजन इस क्षेत्र में आज भी अस्तित्व में हैं। उन्होंने कहा कि ये सब पूरे भारत के लिए बहुत बड़ी समृद्ध विरासत का खज़ाना है और पूरा देश इस विरासत पर गर्व करता है। गृह मंत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट के बिना भारत और भारत के बिना नॉर्थ ईस्ट अधूरा है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि इस पूर्वोत्तर एकता उत्सव की थीम एक आवाज़, एक राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि हमारा देश अनेक भाषाओं, संस्कृतियों, व्यंजनों और वेशभूषाओं का अद्भुत मिश्रण है और यही अनेकता में एकता हमारे देश की विशेषता और सबसे बड़ी ताकत है। यूनिटी उत्सव के इस पांच दिवसीय भव्य समारोह ने पूर्वोत्तर की एकता व सांस्कृतिक समृद्धि को दिल्ली में प्रस्थापित करने का कार्य किया है। अमित शाह ने कहा कि असम राइफल्स भारत का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है और असम राइफल्स की पहचान नॉर्थ ईस्ट के सच्चे मित्र के रूप में की जाती है। उन्होंने कहा कि असम राइफल्स ने पूर्वोत्तर को अनेक संकटों से उबारने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आज इस आयोजन के माध्यम से असम राइफल्स, पूर्वोत्तर की एकता और सांस्कृतिक ताकत को पूरे देश और दुनिया के सामने रखने में सफल हुआ है।

अमित शाह ने कहा कि इस आयोजन में खेल स्पर्धाओं में 212 टीमों और 1500 छात्रों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 150 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया है। उन्होंने कहा कि आज जीते गए अधिकतर इनाम मणिपुर के हिस्से में आए हैं, जो मणिपुर में खेलों के महत्व को दर्शाता है। नॉर्थईस्ट में खेलों की लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए ही प्रधानमंत्री मोदी देश की सबसे पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मणिपुर में बनाने का निर्णय लिया। गृह मंत्री ने कहा कि Sports For All, Sports For Excellence भारत में खेलों के विकास के सूत्र बने हैं। गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि 2036 में भारत ओलंपिक खेलों की मेज़बानी करेगा, जिसमें भारत टॉप 10 में होगा और इसमें पूर्वोत्तर राज्यों की अहम भूमिका होगी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विगत 10 वर्षों और विशेषकर पिछले 5 साल में, नॉर्थ ईस्ट में कानून और व्यवस्था की स्थिति में बहुत बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में हिंसक घटनाओं और सुरक्षाबलों की मृत्यु में 70 प्रतिशत और नागरिकों की मृत्यु में 85 प्रतिशत की कमी आई है। अमित शाह ने कहा कि हिंसा के आंकड़ों में ये कमी बताती है कि नॉर्थ ईस्ट में अब धीरे-धीरे शांति हो रही है और विकास और सांस्कृतिक विकास का एक नया युग शुरू हो रहा है।

अमित शाह ने कहा कि 2014 से अब तक नॉर्थ ईस्ट में 10,500 से अधिक उग्रवादी हथियार डालकर मेनस्ट्रीम में आए हैं और 2019 से 2024 के बीच इस क्षेत्र में 12 शांति समझौते हुए हैं। उन्होंने कहा कि यहां दशकों से बहुत सारे विवाद चले आ रहे थे लेकिन मोदी सरकार ने दो कदम आगे बढ़कर युवाओं को विश्वास दिलाया कि उनके लिए बहुत अवसर उपलब्ध हैं। गृह मंत्री ने हिंसा में लिप्त युवाओं से हथियार डालकर मेनस्ट्रीम में आने की अपील की।

केन्द्रीय गृह ने कहा कि आज भारत का कोई हिस्सा ऐसा नहीं है जो नॉर्थ ईस्ट को अपना नहीं मानता और जिसके मन में पूर्वोत्तर के लोगों के लिए प्यार न हो। उन्होंने कहा कि देश के हर राज्य के लोगों के मन में नॉर्थ ईस्ट के लोगों के लिए विशेष जगह है और पूर्वोत्तर के हर राज्य को भी आगे बढ़कर पूरे देश के विकास मे अपना योगदान देना चाहिए। अमित शाह ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट अब शांति और विकास चाहता है और भारत के अभिन्न अंग के रूप में काम करना चाहता है।

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