भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया मंगलवार को पूरी की जाएगी। इसके लिए पार्टी के सभी विधायकों को सुबह 10 बजे विधानसभा में बुलाया गया है। इसके बाद सुबह 11 बजे से 12 बजे के बीच दिनेश आर्य अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहेंगे।
महेंद्र भट्ट ने दिनेश आर्य को पार्टी का वरिष्ठ और समर्पित कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उन्होंने संगठन में लंबे समय तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनके राज्यसभा प्रत्याशी बनने से कुमाऊं क्षेत्र के साथ ही पूरे उत्तराखंड में संगठन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने और जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाया जाना पार्टी की उस नीति का उदाहरण है, जिसमें समर्पित और जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे पार्टी के सामान्य कार्यकर्ताओं में भी नई ऊर्जा और उत्साह पैदा होगा। नामांकन शुभ मुहूर्त के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 11 बजे किए जाने की तैयारी है।
राज्यसभा प्रत्याशी दिनेश आर्य ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का आभार जताया। उन्होंने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता पर विश्वास जताकर इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपना भाजपा के संगठनात्मक संस्कार और उच्च आदर्शों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है और आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिहाज से भी यह निर्णय पार्टी को मजबूती देगा।
हल्द्वानी के शुद्धिकरण विवाद को लेकर भी दिनेश आर्य ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समाज में भ्रम और विभाजन पैदा करने वाले मुद्दे उठा रही है, जबकि जनता विकास और सुशासन के मुद्दे पर भाजपा के साथ खड़ी है। वहीं, कुंदन परिहार ने भी कांग्रेस पर दलित और वंचित समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
दिनेश आर्य का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में जिला संयोजक सहित विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। भाजपा में शामिल होने के बाद वे युवा मोर्चा मंत्री, अनुसूचित मोर्चा नैनीताल जिलाध्यक्ष, युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष और अनुसूचित मोर्चा प्रदेश महामंत्री रहे। वे नैनीताल भाजपा जिलाध्यक्ष और अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे उत्तराखंड सरकार में राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
मंगलवार को होने वाले नामांकन के साथ ही उत्तराखंड की राज्यसभा सीट के लिए चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राज्यसभा चुनाव में मतदान 16 अक्टूबर को होना निर्धारित है।




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