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SPECIAL INTERVIEW Deepak Rawat: अबकी बार, दिव्य-भव्य कुंभ, अद्भुत-अतुल्य हरिद्वार

साल 2021 में हरिद्वार में कोरोना संक्रमण चलते बनी विशेष परिस्थितियों के बीच कुंभ का आयोजन होने जा रहा है। फिर भी उत्तराखंड सरकार ने दिव्य और भव्य कुंभ की परिकल्पना की है। इस परिकल्पना को धरातल पर उतारने का जिम्मा तेरतर्रार आईएएस अधिकारी दीपक रावत को दिया गया है। हरिद्वार में होने जा रहा कुंभ कई मायनों में अलग होगा, जहां एक ओर यह परंपरा एवं संस्कृति का प्रतीक होगा, वहीं इसमें आधुनिकता का संगम भी दिखेगा। दुनिया के हर कोने में बैठे श्रद्धालु लाइव स्ट्रीमिंग के जरिये इस आयोजन से जुड़ सकेंगे। इस बार के कुंभ से हर आयु वर्ग के लोगों को जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के इस दौर में यह सवाल कई लोगों के मन में है कि क्या कुंभ का आयोजन उसी भव्यता से हो पाएगा, जिस तरह से पूर्व के आयोजन हुए हैं। …तो इस सवाल का जवाब है… हां। यह आयोजन पहले से अधिक दिव्य, भव्य, आधुनिक और अतुल्य होगा, क्योंकि इसके लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। हर तरह से लोगों को कुंभ मेले के आयोजन से जोड़ने की कोशिश है। कोरोना के चलते अलग लोग हरिद्वार नहीं पहुंच पाएंगे तब भी उन तक कुंभ से जुड़ी हर गतिविधि को पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। कुंभ के मेलाधिकारी दीपक रावत ने हिल-मेल से विशेष बातचीत में कुंभ से जुड़ी तमाम तैयारियों की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी।

त्रिवेंद्र सिंह सरकार के कार्यकाल के इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं, क्योंकि हर कोई यह देखना चाहता है कि इस चुनौतीपूर्ण काम को सरकार किस तरह पूरा करती है। यही वजह है कि कुंभ को लेकर की जा रही तैयारियों में राज्य सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। सरकार प्रशासनिक मशीनरी और अखाड़ों एवं साधु-संतों के तालमेल के साथ अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहना रही है।

कोरोना संक्रमण काल में इस आयोजन को तमाम सावधानियों को दिशानिर्देशों के साथ अद्भुत और अतुल्य बनाने के लिए बड़ी तैयारी की गई है। सुंदर, स्वच्छ और सुरक्षित कुंभ की थीम पर होने वाले इस आयोजन में गंगा की शुद्धता और पर्यावरण की रक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुंभ के इतिहास का यह पहला अवसर होगा जब मेले का शुभारंभ समारोह आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर ‘ईको-फ्रेंडली’ आतिशबाजी और लेजर शो कराने की तैयारी है। कुंभ के दौरान पूरा हरकी पैड़ी क्षेत्र, मुख्य कुंभ नगर सौर ऊर्जा वाली एलईडी लाइट्स से रोशन रहेगा। कुंभ मेला स्थल और नहर पटरी मार्ग को खूबसूरत बनाने के लिए सैकड़ों की तादाद में लग रहे ‘हैरिटेज पोल’ भी सौर ऊर्जा से रौशन होंगे। पूरे मेला क्षेत्र को भव्य रूप प्रदान करने के लिए शानदार तरीके से आकर्षक रंगों से सजाने की योजना है। दिन के समय अलग रंग में दिखने वाला कुंभ मेला क्षेत्र शाम होते ही रंगीन लेजर लाइट्स से चमकने लगेगा। कुंभ मेला क्षेत्र की इमारतों का रंग निरंतर बदलेगा। यह इस मेले का विशेष आकर्षण बनने वाला है।

मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि 15 दिसंबर 2020 तक अधिकांश स्थायी काम पूरे कर लिए जाएंगे। 31 दिसम्बर 2020 तक सभी कार्य पूरे हो जायेंगे। इस बार कुंभ के लिए बनाए जा रहे 09 नए घाटों, 08 पुलों और सड़कों का काम भी पूरा होने वाला है। पेयजल, पार्किंग की व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने का कार्य लगातार चल रहा है। कुंभ शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं हो जाएंगी। कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को 23 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रशासन का अनुमान है कि मेला अवधि के दौरान करीब 12 करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार आ सकते हैं। यही वजह है कि मेले के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

कुंभ के आयोजन में कुछ ही समय बचा है, कितनी तैयारियां हो चुकी हैं?

कुंभ में दो-तीन तरह के काम होते हैं, इनमें एक तो परमानेंट काम जैसे ब्रिज, सड़कें, बिजली के सब-स्टेशन, ट्यूबेल, पानी की पाइपलाइन और सीवर। इस तरह के काम लगभग 15 दिसम्बर तक खत्म हो जाएंगे। इन काम पर लगभग 321 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा कई काम अस्थाई होते हैं, जैसे शौचालय, टेंट, अधिकारियों और डाक्टरों के कैंप, साफ-सफाई। जब मेला अवधि शुरू हो जाती है, इस तरह के काम तभी होते हैं और मेला संपन्न होने के बाद ही खत्म होते हैं। इनके अभी टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। मेला प्रारंभ होने से पहले इन्हें शुरू कर दिया जाएगा।

हरिद्वार में एक दिव्य और भव्य कुंभ की कल्पना को साकार करने के लिए क्या विशेष तैयारियां की गई हैं?

हरिद्वार कुंभ की थीम, सुंदर, स्वच्छ और सुरक्षित कुंभ है। तो इसके लिए कई तरह की तैयारियां की गई हैं। मेले में जगह-जगह पेंटिंग मिलेंगी। 26 चौराहे हैं जिनका हम जीर्णोधार कर रहे हैं। वहां पर बहुत अच्छी लाइटें होंगी, ब्रिजों पर अच्छी लाइटें लगी होंगी। इसके अलावा पूरे इलाके में हम बहुत ही खुशबूदार पौधे लगाने जा रहे हैं। फिर हरकी पैड़ी का नए सिरे से रिनोवेशन कर रहे हैं। इसमें चार द्वार बन रहे हैं, जूता स्टाल शिफ्ट हो रहा है। सारी टाइलें बदली जा रही हैं। पूरे हरिद्वार में बिजली के तार अंडर ग्रांउड हो जाएंगे। ये भी आपको नया देखने को मिलेगा कि तार ऊपर होंगे ही नहीं। इसके अलावा हरिद्वार में एक किलोमीटर लंबा आस्था पथ बन रहा है। यह भी एक नई चीज है क्योंकि गंगा जी के एकदम किनारे हरिद्वार में ऐसी कोई जगह पहले नहीं रही। तो ये आकर्षक चीजें आपको इस कुंभ में देखने को मिलेंगी। इस बार हम अलग-अलग कार्यक्रम कराएंगे। उसके लिए हमने खास प्लान तैयार किया है, क्योंकि इस बार कोविड के चलते स्टेज वाले कार्यक्रम नहीं होंगे, लेकिन खुले में हम बहुत सारे कार्यक्रम कराना चाहते हैं। हम पहाड़ी रामलीला, पांडव लीला, सैंड आर्ट का बहुत बड़ा कंपटीशन कराने जा रहे हैं। कुंभ का खास आकर्षण यह भी होगा कि हम हर दिन कोई न कोई इवेंट कराएंगे। यह आउटडोर होगा ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके।

यह कुंभ विशेष परिस्थितियों में हो रहा है, यह किस तरह से अलग होगा?

पहली बात यही है कि कोरोना काल में हो रहा है, तो इसकी व्यवस्थाएं थोड़ा अलग होंगी, क्योंकि हमें इसके अंदर कोविड की काफी सारी तैयारी करनी होगी। इसमें हम 1000 बेड का कोविड का बड़ा अस्पताल बना रहे हैं। इसके अलावा 150 बेड का एक अलग अस्पताल बन रहा है, बाकी 20-20 बेड के 10 अस्पताल हम बना रहे हैं। ये तो इसका मेडिकल वाला पार्ट है। दूसरा हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि हम कुछ टेंपरेरी घाट बनाएं ताकि जो नील धारा है उसमें भी जो श्रृद्धालु आएंगे, उनको इन घाटों में स्नान कराया जाएगा। नीलधारा में अभी तक स्नान नहीं कराया गया है, यह एक नई चीज होगी। इसके अलावा लेजर शो, ड्रोन शो, फिर गंगा जी के ऊपर पानी में गंगा जी की कहानी चित्रित करते हुए कुंभ की कहानी दिखाने की योजना है। हम इस तरह के कई आयोजन करने जा रहा हैं जो पहले के कुंभ में देखने को नहीं मिलते थे।

यह डिजिटल मीडिया का दौर है, ऐसे में दुनिया भर के श्रद्धालुओं तक इस आयोजन को पहुंचाने के लिए क्या व्यवस्थाएं हैं?

वर्चुअल कुंभ पर हमारा विशेष जोर है। जितने भी तरीके हो सकते हैं चाहे वह थ्री डी वॉक वे हो, थ्री डी एक्जीविशन हो, अखाड़ों का शो हो, इसको हम लाइव प्रसारित करेंगे। छोटे बच्चों की कॉमिक होती है, ई-बुक्स होती हैं और वर्चुअल रियलिटी के शो होते हैं, विंटर रियलिटी के हमारे ऐप्स होते हैं, ये सब चीजें हम बना रहे है ताकि हर घर तक हम कुंभ को पहुंचा सके। क्योंकि कोविड का समय है हमें लोगों की संख्या सीमित रखनी है, हम यह भी नहीं कर सकते कि सारे लोग हरिद्वार आ जाएं और सब आ भी नहीं सकते। …तो ये सारी चीजें हम वर्चुअल कुंभ पर दिखा सकते हैं।

Written by
Hill Mail

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