Home उत्तराखंड न्यूज़ कोपरेटिव सोसायटी के साथ 95 जन औषधि केन्द्र एवं जन सुविधा केन्द्र की शुरूआत सबसे पहले उत्तराखण्ड ने की – अमित शाह
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरहरिद्वार

कोपरेटिव सोसायटी के साथ 95 जन औषधि केन्द्र एवं जन सुविधा केन्द्र की शुरूआत सबसे पहले उत्तराखण्ड ने की – अमित शाह

केन्द्रीय गृह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सहकारिता यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। राष्ट्रीय सहकारिता डाटा बेस भी तैयार किया जा रहा है। सहकारिता नीति भी बनाई जा रही है। बीजों के उत्पादन हेतु मल्टी स्टेट कॉपरेटिव बना चुके हैं।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल मैदान, हरिद्वार में राज्य की 95 संयुक्त सहकारी खेती, 95 जन सुविधा केन्द्र, 95 जन औषधि केन्द्र एवं राज्य की समस्त बहुद्देशीय सहकारी समितियों में पूर्ण रूप से कंप्यूटरीकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्य में कृषि एवं औद्यानिकी क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे किसानों को सम्मानित भी किया गया। दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों को बिना ब्याज के ऋण का चेक वितरण किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, संयुक्त सहकारी खेती एवं पैक्स कम्प्यूटरीकरण पर आधारित डाक्यूमेंट्री का अवलोकन भी किया।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि अक्टूबर 2021 में समग्र भारत में पैक्स के कंप्यूटराइजेशन का कार्य उत्तराखण्ड में शुरू हुआ था। आज 17 माह बाद सभी 670 पैक्स का कम्यूटराईजेशन पूर्ण हो चुका है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के प्रयासों की सराहना की। राज्य में 95 मल्टीपर्पज पैक्स बनाने का कार्य भी पूर्ण किया जा चुका है। कोपरेटिव सोसायटी के साथ 95 जन औषधि केन्द्र एवं जन सुविधा केन्द्र की शुरूआत भी सबसे पहले उत्तराखण्ड ने की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सहकारिता से समृद्धि के लिए 75 वर्ष में पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया। आज सहकारिता मंत्रालय के माध्यम से देश के सभी 63 हजार पैक्स को कम्यूटराईज करने का कार्य शुरू हो गया है। आज 360 सहकारी बैंक की शाखाएं, 670 बहुद्देशीय पैक्स, 670 एमपैक्स का कम्यूटराईजशन कर उत्तराखण्ड सरकार ने समग्र देश में सहकारिता क्षेत्र में पहले नम्बर पर आने का कार्य किया है। 95 जन सुविधा केन्द्र, केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को 95 गांवों में सीधा पहुंचाने का कार्य करेंगे। इसके माध्यम से एम पैक्स भी मजबूत होंगे। 50 से 90 प्रतिशत सस्ती दवाई कोपरेटिव जन औषधि केन्द्रों से मिलेंगे। उत्तराखण्ड के 95 विकासखण्डों में एकीकृत सामूहिक सहकारी खेती का मॉडल का भी आज शुभारंभ हुआ है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सहकारिता यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। राष्ट्रीय सहकारिता डाटा बेस भी तैयार किया जा रहा है। सहकारिता नीति भी बनाई जा रही है। बीजों के उत्पादन हेतु मल्टी स्टेट कॉपरेटिव बना चुके हैं। किसानों के उत्पादों के निर्यात के लिए भी एक मल्टी स्टेट कॉपरेटिव बनाने का कार्य किया गया है। आने वाले समय में गांवों का जल व्यावस्थापन का कार्य भी पैक्स को सौंप सकते हैं, अनेक कार्य पैक्स के साथ जोड़े जा रहे हैं।

कम भूमि वाले किसानों को पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य व्यवसायों से जोड़ने का कार्य किया गया है। कॉपरेटिव के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने का जो लक्ष्य प्रधानमंत्री ने रखा है, इस दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जितने इनिसिएटिव केन्द्र सरकार ने कॉपरेटिव के क्षेत्र में लिये हैं, उत्तराखण्ड सरकार ने सभी को धरातल पर उतारकर देवभूमि के छोटे किसानों के भले के लिए कार्य किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज बड़े ही सौभाग्य का विषय है कि हमें गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। सही नीतियों और ईमानदार नीयत के बिना देश का विकास नहीं हो सकता और इन्हीं दोनों सिद्धांतो को लेकर आज हमारा देश प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का उत्तराखण्ड के प्रति भी विशेष लगाव और स्नेह रहा है।

आज जिन विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ अमित शाह जी द्वारा किया गया है, उन योजनाओं से उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को अवश्य ही लाभ होगा। सहकारिता की परंपरा भारत में प्राचीन काल से चली आ रही है। सहकारिता में स्पर्धा की बजाए सहयोग की भावना रहनी चाहिए। आज की नई पीढ़ी के लिए सहकारिता का अत्यधिक महत्व है क्योंकि आज की पीढ़ी जल्द से जल्द स्वावलंबी होना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य ने अभूतपूर्व विकास किया है, हमारी ये विकास यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी। हमने सशक्त और सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड निर्माण का जो विकल्प रहित संकल्प लिया है उसकी सिद्धि के लिये बहुआयामी कार्ययोजनायें प्रारम्भ की है और कई नए कदम भी उठाए हैं। हम जिस विकसित उत्तराखंड निर्माण के संकल्प को लेकर चल रहे हैं उसकी सिद्धि के लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि हमारा मूल मंत्र है जिनके आधार पर हम योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य कर रहे हैं।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में सभी सहकारी समितियों को पूर्ण रूप से ऑनलाईन किया जा चुका है। यह उपलब्धि हासिल करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। राज्य के सभी 95 विकासखण्डों में माधो सिंह भण्डारी संयुक्त सहकारी खेती का शुभारंभ हुआ है। दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के तहत 07 लाख 80 हजार किसानों को ब्याज मुक्त ऋण दिया जा चुका है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी, नरेश बंसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, सचिव सहकारिता बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...