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उत्तराखंड में आयुर्वेद की अपार सम्भावनाएं – मुख्यमंत्री

CM Photo 04 dt. 01 October, 2015मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रोजेक्ट डेवलपमेंट आॅफ हरबो-मिनरल फोरमुलेशन फाॅर क्रोनिक पेनक्रिआटिस का शुभारम्भ किया। टर्नर रोड़ स्थित वैद्य चंद्रप्रकाश कैंसर रिसर्च फाउन्डेशन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्पशक्ति हो तो कुछ भी असम्भव नहीं है। रास्ता वो लोग बनाते हैं जो कि लीक से हटकर काम करते हैं। उन्होंने वैद्य बालेंदु के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मानव जीवन को बचाना सबसे महान काम है। जानलेवा बीमारियों के संबंध में रिसर्च को किसी भी कीमत पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद की उत्तराखंड में बहुत सम्भावनाएं हैं। इसके माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को परिवर्तित किया जा सकता है। यदि दृढ़ इच्छा शक्ति से काम करें तो आने वाले समय में दुनिया की नजर उत्तराखंड की ओर होगी। अब समय आ गया है कि हममें से प्रत्येक व्यक्ति कुछ अतिरिक्त समाज व राज्य के लिए करे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैद्य बालेंदु, क्रोनिक पेनक्रिआटिस की अपनी रिसर्च में अवश्य सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने वैद्य बालेंदु द्वारा लिखित पुस्तिका ‘‘लाईफ विदआउट फियर’’ का भी विमोचन किया।

CM Photo 05 dt. 01 October, 2015इस अवसर पर केबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक दिनेश अग्रवाल ने वैद्य चंद्रप्रकाश कैंसर रिसर्च फाउन्डेशन में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए अपनी विधायक निधि से 10 लाख रूपए दिए जाने की घोषणा की। वैद्य बालेंदु ने कहा कि आयुर्वेद के संबंध में बोलते तो सभी हैं परंतु करने वाले बहुत कम होते हैं। परंतु हरीश रावत ने आयुर्वेद पर उनके द्वारा प्रस्तुत पत्र को पूरी तरह से पढ़ा और आयुर्वेद में रिसर्च के लिए पूर्व में 5 करोड़ रूपए की न केवल घोषणा की बल्कि यह धनराशि मिलने में समय भी नहीं लगा।

हिलमेल ब्यूरो

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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