हिल-मेल ब्यूरो
गाय कोई धर्म नहीं और न ही पशु है अपितु यह एक विज्ञान और चलता फिरता देवालय है। हिन्दू धर्म के अनुसार गौ माता के शरीर में 33 करोड़ देवी-देवताओं का निवास होता है। राम से लेकर कृष्ण तक सभी उपदेशों में इसका व्याख्यान देखने को मिलता है। गौ माता के घर में होने पर सुख – समृद्धि आती है और मनुष्य स्वस्थ रहता है। गाय की उपस्थिति से ही वातावरण सकारात्मक रहता है। पूरे विश्व में हमारी गौ माता पर करोड़ों शोध हो चुके है और अब दुनिया इस सच्चाई को समझ परख चुकी है जो की अनादिकाल से हमंे वेदों – शास्त्रों के माध्यम से बताई जाती रही है। गौ माता पूरे ब्रम्हांड की माता है और देश की राष्ट्र माता है।
गाय पूरे संसार में ऐसा एकलौता प्राणी है जो जन्म से लेकर मृत्यु तक हमेशा किसी न किसी रूप से हम सबके काम आती है। यह ऑक्सीजन ग्रहण करती है और ऑक्सीजन ही छोड़ती है। इसके दूध में रेडियो विकरण से रक्षा करने की सबसे ज्यादा शक्ति होती है साथ ही साथ यह दिल के बीमारी से बचाने और स्मरण शक्ति बढ़ाने के काम आता है। हिन्दू धर्म के अनुसार गाय के एक तोला घी से यज्ञ करने पर एक टन ऑक्सीजन का उत्सर्जन होता है जो की हमारी पूरी सांसारिक संरचना में जीने का मूल माध्यम है।
देवी-देवताओं के इस देश में गाय को सबसे पवित्र माना जाता है और देव पूजन के बाद आहार ग्रहण करने की प्रक्रिया मानव जीवन में शुरू होती है। लेकिन पश्चिमी संस्कृति के दिन प्रति दिन प्रभाव के कारण और गलत राजनीतिकरण ने आज गौ माता को हासिये पर ला दिया है। आधुनिकरण के इस दौर में जहां लोग अपने माता – पिता की सेवा नहीं करते है वही गाय माता को समाज का एक वर्ग अपने आहार के रूप में प्रयोग करता है जो अत्यंत विनाशकारी है। इससे न केवल आपसी सामंजस्य, प्रेम-भाव और अत्याचार बढ़ ही रहा है बल्कि सामाजिक वातावरण में भी जहर घुल रहा है।
दुनिया के कई देशों में गाय की पूजा होती है, हमारे पडोसी देश नेपाल मंे गौ माता राष्ट्रीय धरोहर है फिर गायों के देश भारत मे ऐसा क्यों नहीं है? इसके पीछे इसका राजनीतिकरण, अब तक की सरकारों की कमजोर सोच, भ्रमित मानसिकता और दोगलापन जगजाहिर है। गाय को राष्ट्र माता का सम्मान और दर्जा दिलाने के लिए समय-समय पर देश और विदेश में फैले संघटन कई सालों से प्रयासरत है लेकिन उनके अलग अलग होने और आम जनमानस की कमजोर भागीदारी के कारण गौ आंदोलन अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए हैं।
जाने माने गौ कथा वाचक, गौ-गंगा कृपाकांक्षी पूज्य श्री गोपाल ‘मणि’ जी महाराज विगत कई वर्षों से अपने अथक प्रयास से गाय माता को राष्ट्र माता बनाने के लिए लोगों के बीच अलख जगाई है और इसे जनांदोलन बनाने के लिए संघर्षरत हैं। देश के सभी गौ-भक्तों, राजनीतिक और सामजिक लोगों को एक मंच पर बुलाकर गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाने, जन-मानस की आवाज को प्रखर करने के लिए देशव्यापी महारैली का आयोजन 18 फरवरी 2018 को देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में किया।
आइये हम सब मिलकर एक प्रण लें और गौ माता को राष्ट्र माता बनाने कि लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर एक मजबूत और प्रगतिशील भारत के निर्माण में योगदान करें !!!
हमारी प्रमुख मांगे:-
1 – गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करें।
2 – गौ हत्या को रोकने के लिए सख्त कानून बने और पूरे देश में समान रूप से लागू किया जाये।
3 – गौ-मांस पर पूर्णतयः रोक लगे।
4 – गौ माता को राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर एक अलग से सहायता कोष बनाया जाये ताकि किसी भी गाय की अकारण मृत्यु न हो और उनकी देखभाल की जाये।
5 – 2019 से पहले इसको अमल पर लाया जाये।
जय हिन्द, जय गौ माता, गौ मातरम।


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