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गणतंत्र दिवस परेड में दिखाई देगी उत्तराखंड की झांकी

Uttarakhand ki Jhankiआगामी 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के राजपथ पर उत्तराखंड की जड़ी-बूटियों की झलक दिखाई देगी। गणतंत्र दिवस परेड-2014 में इस बार उत्तराखंड राज्य की झांकी भी दिखाई देगी।

उत्तराखंड राज्य की झांकी की थीम ‘‘जड़ी बूटी’’ रखी गई है। नई दिल्ली के रक्षा मंत्रालय में आयोजित विशेषज्ञ समिति की बैठक में उत्तराखंड राज्य की ओर से सूचना विभाग के सहायक निदेशक के. एस. चैहान ने प्रस्तुतीकरण दिया, जिसके बाद समिति द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदर्शित होने वाली उत्तराखंड राज्य की झांकी का अंतिम चयन किया गया है।

सूचना विभाग के सहायक निदेशक के. एस. चैहान ने बताया कि इस बार के गणतंत्र दिवस की परेड में उत्तराखंड राज्य की झांकी को भी शामिल किया गया है। इस बैठक में कुल 13 राज्यों का अंतिम चयन किया गया है, जिसमें उत्तराखंड भी शामिल है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व उत्तराखंड राज्य की झांकी वर्ष 2010 में कुम्भ मेला, हरिद्वार पर आधारित थी। वर्ष 2010 से 2013 तक राज्य को गणतंत्र दिवस की परेड़ में शामिल नही किया गया था।

राज्य गठन से अब तक 6 झांकियों राजपथ पर प्रदर्शित हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में फुलदेई, वर्ष 2005 में नंदा राजजात, वर्ष 2006 में फूलांे की घाटी, वर्ष 2007 में कार्बेट नेशनल पाक्र, वर्ष 2009 में साहसिक पर्यटन तथा वर्ष 2010 में कुम्भ मेला हरिद्वार विषयक झांकियां गणतंत्र दिवस की परेड़ में शामिल की गई है।

इस बार झांकी की थीम ‘‘जड़ी बूटी’’ रखा गया है, जो राज्य में उत्पादित जड़ी बूटियों के उत्पादन एवं उत्पाद तथा जड़ी बूटियों को विक्रय करने पर आधारित है। प्रयास किया गया है कि झांकी के माध्यम से राज्य की तस्वीर जड़ी बूटी प्रदेश के रूप में प्रदर्शित की जाय। इससे लोगों को राज्य में उत्पादित जड़ी बूटियों के संबंध में जानकारी मिल सकेगी।

हिलमेल ब्यूरो

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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