Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद
उत्तराखंड न्यूज़

केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद

Kedarnath dhamकेदारनाथ धाम के कपाट भैया दूज के दिन मंत्रोच्चारण और विधि विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

भगवान आशुतोष के 11वे ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट शुभ लग्न पर बंद हुए, इसके बाद भगवान केदार की डोली रामपुर के लिए रवाना कर दी गई।

15 नवंबर को चल विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। यहां ओंकारारेश्वर मंदिर में बाबा केदार की शीतकाल के छह माह पूजा होगी।

kedarnath-dham-door-close-in-bhai-dooj13 नवम्बर के शुभ लग्न पर केदारनाथ धाम के कपाट मंदिर के मुख्य पुजारी राजशेखर लिंग द्वारा विधि-विधान के साथ बंद किए गए।

इससे पहले बाबा के स्वयंभू ज्योर्तिलिंग को समाधि रूप दिया गया। मंदिर के गर्भगृह में विशेष भस्म एवं समाधि पूजा के साथ लिंग को भस्म से ढक दिया गया।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मंदिर के कपाट बंद कर ताले को सील किया गया।

पूजा-अर्चना के साथ बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली ने मंदिर की परिक्रमा की और इसके उपरांत शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर के लिए प्रस्थान किया।

हिलमेल ब्यूरो

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...