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बदरीनाथ के कपाट बंद होने पर होंगी विशेष व्यवस्थाएं

BADRINATH TEMPLEइस बार बदरीनाथ के कपाट बंद होने के अवसर पर यहां पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सरकारी स्तर पर आधे किराए पर वाहनों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा बदरीनाथ में आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देशानुसार आगामी 17 नवम्बर को बंद होने जा रहे भगवान बदरीविशाल के कपाट बंद होने के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

कपाट बंद होने के सिलसिले में जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में संपन्न हुई तैयारी बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि 16 नवम्बर की रात को बदरीनाथ में तीर्थयात्रियों की आवासीय व्यवस्था के लिए सभी धर्मशालाएं, होटल, लॉज आदि खुले रहेंगे। इस बारे में जोशीमठ के एसडीएम को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।

इसके अलावा अलाव की व्यवस्था के लिए वन निगम को लकड़ियों की पर्याप्त व्यवस्था को कहा गया। कपाट बंद होने के अवसर पर बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए प्रत्येक तहसील से आधे किराए पर बसें मुहैया कराने के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी को व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा टैक्सियों को निर्धारित किराए पर पर्याप्त संख्या में धाम में बने रहने की व्यवस्था बनाए रखने पर भी बल दिया गया। इससे यात्रियों को वापस आने मे किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

बैठक में तय किया गया कि कपाट बंद के अवसर पर आईटीबीपी, गढ़वाल स्काउट तथा मंदिर समिति द्वारा निरूशुल्क भोजन व्यवस्था के अलावा इस बार 16 नवम्बर की रात्रि तथा 17 नवम्बर को दिन में प्रशासन की ओर से भोजन व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जीएमवीएन को भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। खाद्यान्न व्यवस्था के लिए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया गया। धाम में पेयजल, विद्युत तथा संचार व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

डीएम ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कपाट बंद के अवसर पर बदरीनाथ धाम पधारने की अपील करते हुए कहा कि सभी तहसील मुख्यालय से आधे किराए पर बसे संचालित होंगी। बसों के संचालन के लिए कम से कम 30 लोगों का होना आवश्यक होगा। कहा कि बदरीनाथ धाम दर्शन के इच्छुक श्रद्धालुओं से जिला मुख्यालय में एआरए पटल तथा तहसील मुख्यालयों पर संबंधित पटलों पर श्रद्धालु अपना पूरा नाम, पता, मोबाइल नम्बर सहित शारीरिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति दोपहर 2 बजे तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये बसें धाम के लिए 17 नवम्बर को प्रातः 6 बजे से संबंधित मुख्यालय से संचालित होंगी, यदि कोई श्रद्धालु अपने खर्चे पर दर्शन करना चाहता है तो यह सब उनकी इच्छा पर निर्भर करेगा।

उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वे अपने तहसील में श्रद्धालुओं का पंजीकरण कराना सुनिश्चित करेंगे। इस वर्ष भगवान बदरीनाथ की डोली के जोशीमठ तथा पांडुकेश्वर प्रवास पर प्रशासन की ओर से मिष्ठान वितरण की व्यवस्था की जाएगी।

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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