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यूथ फाउंडेशन की नई पहलः केदारनाथ के पुनर्निर्माण में योगदान देंगी बेटियां

हिल-मेल ब्यूरो

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रॉजेक्ट केदारनाथ पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इस दिशा में उत्तराखंड के युवाओं की प्रेरणा बन चुके कर्नल अजय कोठियाल के यूथ फाउंडेशन ने एक अनोखी पहल की है। अब केदारनाथ के पुनर्निर्माण के काम से पहाड़ की बेटियों को भी जोड़ा जा रहा है। प्रारंभिक दौर में इसके लिए दस ल़ड़कियों का चयन किया गया है। इसके बाद बीस अन्य लड़कियों को भी केदारनाथ में रोजगार दिया जाएगा। लड़कियों को केदारनाथ जैसी विषम परिस्थितियों में नौकरी देकर यूथ फाउंडेशन यह संदेश देना चाहता है कि लड़कियां किसी से कम नहीं हैं।

ये लड़कियां केदारनाथ में पुलों, वॉल गार्डर पर पेंट, मेस कमांडर, क्वॉटर मास्टर, साइट इंचार्ज, निर्माण सामग्री तैयार करने समेत कई तरह के कार्य करेंगी। इन ल़ड़कियों को प्रशिक्षित कर रहे कर्नल कोठियाल के मुताबिक, जब लड़कियां एवरेस्ट फतह कर सकती हैं तो केदारनाथ में सेवायें देना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। यूथ फाउंडेशन का उद्देश्य उत्तराखंड के लड़के-लड़कियों को और सशक्त बनाना है। आज सबको सरकारी नौकरी मिल सके, ऐसा संभव नहीं है। ऐसे में बेरोजगारों युवक-युवतियों को अपने पैरों पर खड़ा होने के लिये अपनी कौशल क्षमता को बढ़ाना होगा। उन्हें लीक से हटकर काम करना होगा। केदारनाथ में काम करने वाली इन लड़कियों को 15 से 18 हजार के बीच सैलरी दी जाएगी। केदारनाथ की आपदा के बाद निम द्वारा वहां किस तरह से काम किया गया, इसकी बारीकियां सिखाई जाएंगी। यहां से पूरी तरह प्रशिक्षित होने के बाद वह कहीं भी नौकरी कर सकेंगी।


जब लड़कियां एवरेस्ट फतह कर सकती हैं तो केदारनाथ में सेवायें देना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। यूथ फाउंडेशन का उद्देश्य उत्तराखंड की लड़कियों को और सशक्त बनाना है।
– कर्नल अजय कोठियाल

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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