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हिलमेल का शुभारम्भ: पहाड़ों की ओर लौटने का एक अभियान

IMG_1531लगभग एक साल के अथक प्रयासों के बाद हिलमेल वेबसाइट की विधिवत शुरुआत हो गयी है। 1 मार्च 2013 को दिल्ली के कांस्टीटूशन क्लब में नौसेना प्रमुख एडमिरल डी के जोशी ने बटन दबाकर हिलमेल पोर्टल का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्री हरीश रावत उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूड़ी, इंडियन आयल कार्पोरेशन के चेयरमैन श्री आर एस बुटोला और तटरक्षक बल के अतिरिक्त महानिदेशक श्री राजेन्द्र सिंह मौजूद थे।

लम्बे समय से हिलमेल टीम की कोशिश थी कि ऐसा मंच तैयार किया जाए जो पहाड़ की जनता की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाये और पहाड़ के हIMG_1587र उस व्यक्ति की आवाज़ बन सके जो शोषित है उसकी आवाज़ उस जगह तक नहीं पहुंच पा रही है जहां से समस्या का समुचित समाधान हो। हिलमेल के उद्घाटन के मौके पर कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी का मानना था कि पिछले 12 सालों के दौरान उत्तराखंड ने जितनी तरक्की की वो नाकाफी है और जो कमी हैं उसे कैसे दूर किया जा सकता है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूड़ी ने हिलमेल के इस मंच पर साफगोई से माना कि हम सब लोगों को अपने अंदर झांककर देखना होगा कि उत्तराखंड की इस बदहाली के लिए कौन कितना जिम्मेदार है। उन्होंने स्वीकार किया कि जितनी अपेक्षा जनता की उनसे थी पूरी कोशिशों के बावजूद वह उन्हें पूरा नहीं कर पाये। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को एक आर्दश राज्य बनाने के लिए राजनीतिक दल, मीडिया और सभी दूसरे वर्गों को मिलकर काम करना होगा।

इस मौके पर हिलमेल स्मारिका का भी विमोचन किया गया। केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत ने कहा कि हिलमेल उत्तराखंड की आवाज बनकर सामने आये। हरीश रावत ने भी पूर्व मुख्यमंत्री खण्डूड़ी की बात को सही ठहराते हुए कहा कि पिछले 12 सालों के दौरान उत्तराखंड की सही दिशा तय नहीं हो पायी है और इसके लिए बीजेपी और काग्रेंस दोनों ही राजनीतिक दल दोषी हैं। उन्होंने माना कि नये राज्य के निर्माण के बाद IMG_1575उसे एक आर्दश राज्य बनाने में समय लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड पर पूंजीपतियों का कब्जा होता जा रहा है। हरीश रावत ने सवाल उठाया कि अगर उत्तराखंड में ज़मीन इसी तरह पूंजीपतियों के हाथों में जाती रही तो हम अपनी आने वाली पीढी के लिए क्या बचा पायेंगे।

इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल डी के जोशी ने भी पहाड़ के प्रति अपने लगाव को व्यक्त किया और कहा कि हम सब लोगों को समय निकालकर अपनी जन्मभूमि के लिए जरूर कुछ न कुछ योगदान देना चाहिए। ऐसे में हिलमेल निश्चित तौर पर आने वाले दिनों में उत्तराखंड के लिए एक ऐसा विचार मंच बनेगा जिसके माध्यम से लोग राज्य के लिए अपना योगदान दे सकेंगे। इंडियन आयल कार्पोरेशन के चेयरमैन आर एस बुटोला ने भी हिलमेल के मंच पर पहाड़ से बिछुड़ने का अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि कार्य की व्यस्तता के कारण वे अपने गांव और लोगों को याद तो करते हैं लेकिन वहां के लिए कोई खास योगदान नहीं कर पाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिलमेल उत्तराखंड और बाहर रहने वाले लोगों के लिए एक ऐसा अभियान बनेगा जिससे हर व्यक्ति अपना कुछ न कुछ योगदान देवभूमि के लिए दे सके।

इस मौके पर हिलमेल के इस मंच पर कई और गणमान्य लोग भी मौजूद थे और सभी ने उत्तराखंड को लेकर अपनी चिन्ता और आकांक्षा व्यक्त की। हिलमेल के उद्घाटन के साथ ही इस मौके पर हिलमेल की ओर से देवभूमि के पांच सपूतों को हिलरत्नIMG_1596 पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जिसमें नौसेना प्रमुख एडमिरल डी के जोशी, इंडियन आयल कार्पोरेशन के चेयरमैन आर एस बुटोला, कोस्टगार्ड के अतिरिक्त महानिदेशक राजेन्द्र सिंह, गढ़वाल रेजीमेंट के कर्नल अजय कोठियाल और वरिष्ठ पत्रकार व इंडिया टीवी के प्रबंध संपादक विनोद कापड़ी शामिल हैं। इन सभी लोगों ने अपने अपने कार्यक्षेत्र में उत्तराखंड का नाम रोशन किया। हिलमेल के उद्घाटन के मौके पर टीम हिलमेल के सभी सदस्य मौजूद थे। टीम हिलमेल के संरक्षक एस एस कोटियाल, पूर्व आईजी बीएसएफ और विशेष सलाहकार एस के नेगी, विशेष कार्याधिकारी, कोयला मंत्री, भारत सरकार ने कार्यक्रम में मौजूद सभी मेहमानों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन हिलमेल के मानद सलाहकार एनडीटीवी के वरिष्ठ समाचार संपादक सुशील बहुगुणा, इंडिया टीवी के विशेष संवाददाता मनजीत नेगी, पी-7 के समाचार संपादक अनुराग पुनेठा और हिलमेल के संपादक वाई एस बिष्ट ने किया। इस शानदार शुरूआत के साथ ही हिलमेल आने वाले दिनों में उत्तराखंड में एक सशक्त विचार मंच बनकर हम सबके लिए पहाड़ों की ओर लौटने का माध्यम बनने का प्रयास करेगा।

हिलमेल पोर्टल के शुभारम्भ की फोटो गैलरी 01 मार्च 2013

वाई एस बिष्ट, संपादक, हिलमेल

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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