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लॉकडाउन नहीं मान रहे लोग, उत्तराखंड में रविवार को 93 केस दर्ज, 274 गिरफ्तार

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उत्तराखंड पुलिस लोगों को अलग-अलग तरीके से जागरूक कर लोगों को घरों में रहने के लिए कह रही है लेकिन अब भी लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अकेले रविवार को ही बहुत से लोग गाड़ियों से बेवजह निकले जबकि सरकार ने कहा है कि केवल आवश्यक वस्तुओं के लिए ही घर से बाहर कदम बढ़ाएं।

कोरोना वायरस के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं लेकिन अब भी कुछ लोग ऐसे हैं, जो ‘लक्ष्मण रेखा’ लांघ रहे हैं। जी हां, उत्तराखंड में रविवार को ही कोरोना लॉकडाउन का उल्लंघन करने के 93 केस दर्ज किए गए हैं और 274 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि आज की तारीख तक कुल 1401 केस दर्ज किए जा चुके हैं और पूरे राज्य में 5539 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के मुताबिक अभी तक 15541 वाहनों का मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया है। 4030 वाहनों को सीज किया जा चुका है। इनसे चालान के रूप में 73.22 लाख रुपये वसूले गए हैं।

उत्तराखंड पुलिस ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे कोरोना वायरस के खिलाफ इस लड़ाई में घर में रहकर अपना अहम योगदान कर सकते हैं। पुलिस के जवान एक तरफ गरीबों की मदद कर उन्हें खाना खिला रहे हैं और लोगों को घरों में रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग हैं जो पूरी मेहनत पर पानी फेरने पर तुले हैं।

दरअसल, अगर 100 में से 90 लोग घर में हैं और 10 लोग बाहर निकले तो कोरोना फैलने का खतरा बना ही रहता है इसलिए हर शख्स का घर में रहना जरूरी है। जरूरतमंदों के लिए उत्तराखंड पुलिस की रसोई चल रही है, जिसकी खूब तारीफ हो रही है। अल्मोड़ा में लॉकडाउन के दौरान गरीब और असहाय लोगों को उत्तराखंड पुलिस के जवान अपने हाथों से खाना बनाकर खिला रहे हैं।

लोगों को जागरूक करने के लिए हरिद्वार में उत्तराखंड पुलिस ने कोरोना वायरस के रूप को ही सड़कों पर उतार कर जागरूकता फैलाई। माइक से घोषणा की जा रही है, ‘मुझसे डरो, मैं हूं कोरोना। अपने-अपने घरों में ही रहना, यदि निकले घरों से बाहर, तो बना दूंगा तुम्हें अपना शिकार।’

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Hill Mail

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