कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए छेड़े गए युद्ध में एक तरफ पूरा देश साथ खड़ा है तो वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो हालात को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के दिनों में देश के कई शहरों में कोरोना योद्धाओं को टारगेट किया गया है। मेडिकल स्टाफ पर हमले तक किए गए। अब हल्द्वानी की एक घनी आबादी वाली बस्ती बनभूलपुरा की घटना चौंकाने वाली है।
यहां कोरोना के हॉटस्पॉट बने बनभूलपुरा इलाके में लोगों का सैंपल लेने के लिए जब टीम पहुंची तो उसका विरोध शुरू हो गया। बताया जाता है कि कुछ लोगों ने से छतों से पुलिसकर्मियों पर पथराव की भी कोशिश की। गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ। मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है। अफसर वहां लोगों को कोरोना वायरस को लेकर समझाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यह प्रयास सफल नहीं हुआ तो सख्ती बरती जा सकती है क्योंकि यहां 10 लोग पॉजिटिव मिले हैं। सभी को हॉस्पिटल में आइसोलेट कर इलाज किया जा रहा है।
पुलिस और चिकित्सा टीम के बनभूलपुरा मोहल्ले से बाहर निकलने के बाद वहां के करीब एक हजार लोग मुख्य मार्ग पर आ गए और किसी को भी मोहल्ले में नहीं घुसने देने की बात कह रहे हैं। प्रशासन ने भी हालात बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल बुला लिया गया है। स्थिति तनावपूर्ण है।
नैनीताल की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी बनभूलपुरा में रहती है। इस क्षेत्र में 10 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। सभी संक्रमित लोग जमाती हैं। प्रशासन ने इस इलाके को 8 अप्रैल को सील कर दिया था। पुलिस के मुताबिक इस इलाके की जनसंख्या करीब डेढ़ लाख है।
ऐसे हालात में और लोगों को कोराना संक्रमण न हो, इसके लिए मेडिकल टीम ने जांच शुरू करने की योजना बनाई थी। डाक्टरों की टीम पुलिस सुरक्षा में यहां के लोगों का परीक्षण कर रही थी। जागरूक लोगों ने तो टेस्ट में सहयोग दिया और पुलिस और मेडिकल टीम का स्वागत किया लेकिन रविवार को टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
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वहीं, बनभूलपुरा में पढ़े-लिखे मुस्लिम परिवार प्रशासन की पहल का समर्थन कर रहे हैं। उन्हें कोरोना के खतरे का अंदाजा है। हालांकि उनकी संख्या सीमित होने के कारण विरोध करने वाले उन्हें भी निशाना बना रहे हैं।


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