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गुड न्यूज! उत्तराखंड में लगातार चौथे दिन कोई कोरोना पॉजिटिव केस नहीं

जहां एक ओर पूरे देश में कोरोना संक्रमण में मामले बढ़ते जा रहे हैं, वहीं हिमालयी सूबे उत्तराखंड ने पिछले चार दिन में कोरोना का रफ्तार थाम सी दी है। राज्य में पिछले चार दिनों में कोरोना का कोई भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। वहीं राज्य में कोरोना संक्रमित 35 लोगों में से 7 ठीक हो चुके हैं। हालांकि अभी 28 लोगों का इलाज चल रहा है।

उत्तराखंड के नौ जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी और ऊधम सिंह नगर से 12 अप्रैल को कोई भी सैंपल परीक्षण के लिए नहीं गया। वहीं चमोली से एक, देहरादून से 48, हरिद्वार से 51 और नैनीताल से 8 सैंपल परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। खास बात यह रही कि रविवार को भी कोई केस पॉजिटिव नहीं आया है।

हालांकि प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। राज्य में हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए इलाकों में पूरी निगरानी बरती जा रही है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि इन इलाकों में हर घर तक पहुंचा जाए।

 

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उत्तराखंड के सात जिलों में कोरोना संक्रमण को कोई भी केस सामने नहीं आया है। ये जिले हैं, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर और टिहरी। पौड़ी के कोटद्वार से कोरोना पॉजिटिव मिले एक अमेरिकी नागरिक को भी इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

उत्तराखंड में इस समय 373 लोग अस्पताल में आइसोलेशन में रखे गए हैं। वहीं 53,970 लोगों को उनके घरों में क्वारेंटाइन किया गया है। वहीं विभिन्न संस्थानों में भी 1823 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया है।

लगातार चार दिन से कोरोना संक्रमण के मामलों का शून्य पर रहना प्रदेश सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि है। हालांकि राज्य में कोरोना संक्रमण स्थिर होने के बावजूद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत राज्य में लॉकडाउन की अवधि 30 अप्रैल तक बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। इसमें राज्य मे सोशल डिस्टेंसिंग 31 मई तक लागू रखने की भी बात है। हालांकि यह भी संभावना है कि लॉकडाउन के अगले दौर में सरकार पहाड़ी जिलों को ‘ए’ कैटेगिरी में रखकर रियायतें दे सकती है। हालांकि ‘बी’ कैटेगिरी वाले जिलों में अभी पाबंदियां जारी रहेंगी।

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