Friday , 4 September 2026
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उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरदेहरादूनसरोकार

भारत में साइबर अपराध से संबंधित 3500 केस प्रतिदिन हो रहे हैं पंजीकृत – लेफ्टिनेंट जनरल डॉ राजेश पंत

भारत में साइबर सिक्योरिटी के मामलों में दिन प्रतिदिन बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसका एक कारण देश में साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी का अभाव होना है। यही कारण है कि भारत साइबर क्राइम के मामलों में दुनिया के उच्च साइबर अपराध वाले देशों में शुमार है। हमारे देश में लोगों को सही जानकारी के अभाव में ऑनलाइन ठगी सबसे आम प्रकार की ठगी है जिसके कारण लोगों को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है।

एक कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए नेशनल साइबर सिक्योरिटी को-आर्डिनेटर लेफ्टिनेंट जनरल डॉ राजेश पंत ने कहा कि भारत में प्रतिदिन साइबर अपराध से संबंधित 3500 केस पंजीकृत किए जा रहे हैं। जो गंभीर चिंता का विषय है। इस ओर तकनीक जगत से जुडे़ विशेषज्ञों को ध्यान देने की आवश्यकता है। यह बात उन्होंने वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय में साइबर सिक्योरिटी विषय पर आयोजित कांफ्रेंस में बतौर मुख्यअतिथि के तौर पर कही।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो ओंकार सिंह ने साइबर सिक्योरिटी की नवीनतम तकनीक के अनुरूप पाठ्यक्रम का निर्माण, निर्धारण और परिशोधन किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। जिससे कि भविष्य में साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में देश के लिए दक्ष एवं कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा रहा है। उन्होंने इंडस्ट्रीज प्रतिनिधियों का इस विद्या में शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए आवहान किया, ताकि उत्तराखंड में साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्तर पर दक्ष साइबर योद्धा तैयार किए जा सकें।

इस मौके पर राष्ट्रीय इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो एनके गोयल ने कहा कि समय की मांग है कि तकनीकी विश्वविद्यालय साइबर सिक्योरिटी जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों के संचालन पर विशेष जोर दें और अधिक से अधिक मानव संसाधन तैयार करें। बैठक में विश्वविद्यालय के कुल सचिव आपी गुप्ता आदि मौजूद थे।

साइबर क्राइम कंप्यूटर डिवाइस या नेटवर्क के माध्यम से किया जाने वाला सामान्यत ऑनलाइन अपराध है जिसके तहत यूजर की निजी जानकारी को चुराना, वित्तीय हानि पहुंचाना एवं हैकिंग जैसे अपराध शामिल है।

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Hill Mail

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