मौसम विभाग के अनुसार, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, चमोली जिले में भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की आशंका है। इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा, राज्य के 3200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है। ऐसे में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट, अधिकारियों को निर्देश
मौसम संबंधी चेतावनियों को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को सतर्क रहने तथा किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।
सचिव ने चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि खराब मौसम या किसी संभावित खतरे की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए। साथ ही यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक निर्णय लिए जाएं।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही के दौरान विशेष सतर्कता बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आम जनता से सतर्क रहने की अपील
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। लोगों को नदी-नालों, जलधाराओं और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी सचिव विनोद कुमार सुमन से बातचीत कर आम जनता की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने आपदा संबंधी किसी भी घटना की सूचना तत्काल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर देने की अपील की है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करें।




Leave a comment