स्थानीय निकायों और किसानों को प्राथमिकता
अनुपूरक बजट में ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों के लिए राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.57 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए 721 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, अन्नपूर्ति योजना के तहत किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान है। गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए भी 122 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण सड़कों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों के लिए भी बजट रखा गया है।
कुंभ और बुनियादी ढांचे पर फोकस
हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए गंगा कॉरिडोर परियोजना के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में इसके लिए निर्धारित राशि स्पष्ट नहीं है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एसएएससीआई के अंतर्गत पूंजीगत मद में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पेयजल परियोजनाओं, शहरी विकास, पुलिस भवनों, न्यायिक आधारभूत सुविधाओं और पंचायत भवनों के निर्माण के लिए भी धनराशि निर्धारित की गई है। जोशीमठ में भू-धंसाव से संबंधित कार्यों के लिए भी बजट में प्रावधान शामिल है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल को बढ़ावा
शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल लर्निंग के लिए विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आयुष्मान योजना के तहत आम जनता को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के लिए 100 करोड़ रुपये और कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधा के लिए 125 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों तथा नर्सिंग कॉलेजों के विकास के लिए भी पूंजीगत बजट प्रस्तावित है। खेल विश्वविद्यालय के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की भी योजना है।
महिला, युवा और कमजोर वर्गों पर ध्यान
बजट में कल्याणकारी पेंशन, निराश्रित विधवाओं, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना और आंगनबाड़ी पोषण अभियान के लिए धनराशि रखी गई है। माताओं के मानदेय के लिए 20 करोड़ रुपये तथा पोषण अभियान के लिए लगभग 80 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
किसानों के लिए सहकारिता कल्याण योजना, ट्राउट प्रोत्साहन और जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने संबंधी योजनाएं भी शामिल हैं। कुल मिलाकर, अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार ने विकास कार्यों को गति देने और विभिन्न वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।




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