उत्तराखंड में अब हरेला के पर्व पर सार्वजनिक अवकाश होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरेला पर्व पर 16 जुलाई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने पर स्वीकृति दी है। पूर्व में इसे निर्बन्धित अवकाश घोषित किया गया था। इस वर्ष 23 फरवरी को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित मंथन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व पर पूरे राज्य में एक ही दिन में व्यापक वृक्षारोपण किए जाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए हरेला पर निर्बन्धित अवकाश को सार्वजनिक अवकाश मे परिवर्तित किए जाने का निर्णय लिया गया था। अब हर साल हरेला पर्व पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
मुख्यमंत्री कहा कि ‘हरेला पर्व हमें प्रकृति और पर्यावरण से जोड़ता है। पर्यावरण का संरक्षण उत्तराखण्ड की संस्कृति में रहा है। हरेला पर्व को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने से लोग हरेला पर वृक्षारोपण में भागीदारी कर सकेंगे। सभी मिलकर हरियाली का उत्सव ‘हरेला’ उत्साह से मनाएंगे।’
हल्द्वानी को 113 करोड़ की सौगात
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को हल्द्वानी में 113 करोड़ 42 लाख की 78 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 48 करोड़ 52 लाख, 68 हजार की 24 योजनाओं का लोकार्पण व 64 करोड, 89 लाख, 43 हजार की 54 योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने महानगर हल्द्वानी की आंतरिक सड़कों के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा भी की।
इस अवसर पर सीएम ने कहा कि प्रदेश में 500 विद्यालयों मे वर्चुअल क्लासेज शुरू कर दी गई हैं, 700 विद्यालयों मे भी जल्द ही वर्चुअल क्लासेज शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संचालित आंगनबाडी केंद्र का अपना भवन होगा। 2022 तक प्रत्येक सड़क जिनमें पुल की जरूरत है, पुल बनाए जाएंगे। प्रदेश मे 2022 तक हर गांव को सडक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
हर जिले में शुरू होगी हेली सेवाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 एरोड्रम स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजे गए हैं, प्रत्येक जनपद मे एरोड्रम बनाकर हेली सेवाएं शुरू की जाएंगी। उन्होने कहा कि प्रदेश में ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर शुरू कर दिया गया है। इस ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर के शुरू होने से हमारे प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में आईएसबीटी बनाना सरकार की प्राथमिकता में है। हल्द्वानी आईएसबीटी को सुंदर व भव्य बनाया जाएगा। हल्द्वानी में 3.25 करोड़ का इलेक्ट्रिक शवदाह गृह बनने जा रहा है जो प्रदेश का प्रथम शवदाह गृह है, शवदाह के लिए धनराशि जारी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में आईएसबीटी बनाना सरकार की प्राथमिकता में है। हल्द्वानी आईएसबीटी को सुंदर व भव्य बनाया जाएगा। हल्द्वानी में 3.25 करोड़ का इलेक्ट्रिक शवदाह गृह बनने जा रहा है जो प्रदेश का प्रथम शवदाह गृह है, शवदाह के लिए धनराशि जारी कर दी गई है।


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