भारतीय तटरक्षक बल के पूर्व महानिदेशक और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के नव नियुक्त सदस्य राजेंद्र सिंह ने बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत से मुलाकात की। एनडीएमए का सदस्य बनने के बाद यह उनकी केंद्रीय मंत्री और सीडीएस से पहली भेंट थी। हाल ही में केंद्र सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी है। राजेंद्र सिंह को इस पद पर पांच साल के लिए नियुक्त किया गया है।
उत्तराखंड से पहली बार किसी सेवानिवृत्त अफसर को एनडीएमए में यह जिम्मेदारी मिली है। तटरक्षक बल के आपदा राहत मिशनों का लंबा अनुभव रखने वाले राजेंद्र सिंह के होने से एनडीएमए को उनकी विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा। इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने राजेंद्र सिंह को आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति का अध्यक्ष बनाया था, वहां उन्हें मंत्री का दर्जा भी दिया गया था। लेकिन एनडीएमए में नियुक्ति होने के बाद उन्होंने उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष का पद छोड़ दिया।
देहरादून के जौनसार बावर क्षेत्र के गांव बिरमऊ के रहने वाले राजेंद्र सिंह 1980 में तटरक्षक बल में शामिल हुए थे। उनकी प्राथमिक शिक्षा व उच्च शिक्षा मसूरी और देहरादून में हुई थी। कोस्टगार्ड में महानिदेशक के तौर पर अपने कार्यकाल में राजेंद्र सिंह के प्रयासों से ही उत्तराखंड में तटरक्षक भर्ती केंद्र का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने सेवानिवृत्ति से पहले इसका शिलान्यास भी करवाया।
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