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दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंचे NSA डोभाल, कहा – पुलिस है, डरने की जरूरत नहीं

देश की राजधानी दिल्ली के नार्थ-ईस्ट इलाके में चार दिन से चल रही हिंसा के बाद भरोसा बहाल करने का जिम्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को दिया है। प्रधानमंत्री का आदेश मिलते ही अजीत डोभाल सीधे हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंचे और लोगों से सीधे संवाद कायम कर सबकुछ ठीक होने का भरोसा दिलाया। इससे पहले उन्होंने दिल्ली पुलिस के आला अफसरों के साथ बैठक कर सारी बातें समझीं।
उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंचने के बाद डोभाल ने लोगों के घरों का दरवाजा खटखटाया और उनसे बाहर आने को कहा। एनएसए ने लोगों को भरोसा दिलाया कि आप लोगों को कोई दिक्कत नहीं होगी। आपकी सुरक्षा में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

डोभाल को देखकर भयभीत लोगों के चेहरों पर थोड़ी राहत दिखी। कई जगहों पर तो लोगों ने डोभाल के पहुंचने पर भारत माता की जय के नारे लगाए। एनएसए डोभाल ने लोगों से कहा कि हम हम सब भारतीय हैं। हमें आपसी बैर नहीं रखना है। यह देश हमारा है इसलिए हम सबको इसे संभालना है। कई लोगों ने डोभाल से कहा कि अब आप गए हैं, तो हमें उम्मीद है सब ठीक हो जाएगा।
डोभाल ने कहा कि लोगों में एकता की भावना है। कुछ अपराधी तत्व इस तरह की हरकतें करते है, उन्हें अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही हैं। पुलिस यहां है और अपना काम कर रही है। हम यहां गृह मंत्री और प्रधानमंत्री के आदेश पर आए हैं। यहां पर बिल्कुल अमन होगा। डोभाल के सामने आकर लोगों ने अपना दुख-दर्द बयां किया। कोई कह रहा था कि उसकी दुकान जल गई तो कोई कह रहा था कि उसके अपने को गंभीर चोट आई है। एनएसए सभी के कंधे पर हाथ रखकर ढांढस बंधाते हुए दिखे।
एनएसए ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे पीएम मोदी और गृह मंत्रालय के आदेश पर आए हैं। उन्होंने कहा कि समाज में ज्यादातर अच्छे लोग होते हैं। 10-20 आधराधिक प्रवृति के लोग होते हैं वही माहौल को खराब करते हैं। अब दिल्ली की जनता को परेशान होने की जरूरत नहीं है। हिंसाग्रस्त इलाकों में काफी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
अजीत डोभाल कई गंभीर मौकों का हालात संभाल चुके हैं। डोभाल एक बार फिर उसी रूप में नजर आए जब पिछले साल कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद उन्होंने कर्फ्यू के दौरान लोगों से संवाद कायम किया था।
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Hill Mail

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