Sunday , 6 September 2026
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कोरोना का खतरा! उत्तराखंड में सभी जिलों को अलर्ट रहने का निर्देश

uttarakhand alert due to corona

उत्तराखंड में कोरोना वायरस को लेकर लगातार एहतियात बरती जा रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को सचिवालय में एक बैठक कर इस वायरस को राज्य में फैलने से रोकने के लिए की गई तैयारियों के संबंध में सभी जिला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बैठक की। सीएम ने इस वायरस से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में आइसोलेशन वार्ड बनाने, प्रशिक्षित चिकित्सकों एवं पैरामेडिक स्टाफ सहित आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था करने को कहा है। उन्होंने संदिग्ध मरीजों के स्थानांतरण हेतु डेडिकेटेड एम्बुलेंस और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं।

अफवाहों को रोकने के लिए लगातार हो सूचनाओं का आदान प्रदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव एवं जागरूकता के लिए प्रदेशभर में चलाई जा रही वर्चुअल क्लासेस एवं विश्वविद्यालयों का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु जारी एडवायजरी का प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस से निपटने हेतु सभी विभागाध्यक्षों को आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि कोरोना वायरस के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की अफवाहों को रोकने हेतु लगातार मुख्य चिकित्साधिकारियों द्वारा जिला सूचना कार्यालयों के माध्यम से सूचनाओं का आदान प्रदान तेजी से किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सैनेटाइजर एवं मास्क आदि की ओवर रेटिंग एवं कालाबाजारी न होने पाए, इसके लिए भी व्यवस्थाएं बनाई जाएं। कालाबाजारी एवं ओवर रेटिंग को रोकने हेतु कड़े कदम उठाए जाएं।

सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रियों की लगातार की जाए स्क्रीनिंग

मुख्यमंत्री ने चीन एवं नेपाल से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रियों की लगातार स्क्रीनिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु संदिग्ध रोगी या किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति की सूचना मिलने पर राज्य एवं जिला स्तर पर रेपिड रिस्पांस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर यथाशीघ्र शासन को अवगत कराया जाए, ताकि समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं बनाई जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को चंपावत में पूर्णागिरी के मेले के अवसर पर अतिरिक्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव नितेश झा ने कोरोना वायरस के प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु प्रदेशभर में चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंडो-नेपाल बॉर्डर एवं एयरपोर्ट्स पर लगातार स्क्रीनिंग एवं मॉनिटरिंग की जा रही है। जिनमें अभी तक कोई भी सस्पेक्टेड केस नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी देने अथवा लेने हेतु इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है। राज्य के समस्त जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव व रोकथाम हेतु संचालित गतिविधियों के संचालन एवं अनुश्रवण हेतु जिला अधिकारियों को नोडल ऑफिसर नामित किया गया है।

उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में आइसोलेटेड बेड्स की व्यवस्था कर ली गई है। साथ ही डेडिकेटड एम्बुलेंस एवं प्रशिक्षित स्टाफ को भी नियुक्त कर दिया गया है। प्रत्येक जनपद में सरकारी तथा निजी क्षेत्र में उपलब्ध समस्त संसाधनों का चिन्हीकरण कर लिया गया है। विभिन्न माध्यमों से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु प्रदेश के समस्त नागरिकों हेतु विज्ञापन तथा समाचारों के माध्यम से जागरूकता फैलाने एवं भ्रामक प्रचार से बचाव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने जन औषधि दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जन औषधि के लाभार्थियों के साथ बातचीत कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम का आयोजन राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में किया गया था। मीडिया से अनौचारिक वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से प्रदेश की जनता लाभान्वित हो रही है। जेनेरिक दवाओं के उपयोग से आमजन के दवाओं पर मासिक खर्च में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि मरीजों को जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हो सकें इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में कोरोना वायरस से इलाज हेतु तैयार किए गए आइसोलेटेड वार्ड का भी निरीक्षण किया।

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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