Sunday , 6 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवसः देहरादून में 40 बेटियां एक दिन के लिए बनी अधिकारी
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवसः देहरादून में 40 बेटियां एक दिन के लिए बनी अधिकारी

international womens day 40 girl
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर इस बार कई तरह की पहल की गई हैं। जहां खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हफ्ते पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह इस रविवार यानी 8 मार्च को अपने सोशल मीडिया हैंडल्स को चलाने की जिम्मेदारी ऐसी महिलाओं को देंगे, जिन्होंने हमें प्रभावित किया है। इसके लिए उन्होंने बाकायदा #SheInspiresUs नाम से हैशटैग भी दिया था।
कुछ इसी तर्ज पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2020 को अनोखे अंदाज में मनाया जा रहा है। इस बार देहरादून के जिलाधिकारी आशीष कुमार श्रीवास्तव द्वारा बेटियों के सम्मान की एक अनोखी पहल शुरू की। इसमें देहरादून शहर के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाली 40 छात्राओं को एक दिन के लिए सरकारी विभागों में अफसर बनाया गया। शनिवार को 40 छात्राओं ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों में पहुंचकर एक दिन के लिए सांकेतिक कार्यभार संभाला और अधिकारी की भूमिका निभाई। अधिकारी बनी छात्राओं ने इस दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और सरकारी सिस्टम को समझने की कोशिश की।
जिला कार्यालय में जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अपने समकक्ष के लिए एमकेपी पीजी कालेज की बीकाम की छात्रा शगुन कटारिया को शुभकामना देते हुए प्रशासनिक पदों के उत्तरदायित्वों के बारे में जानकारी दी।
वहीं विल फील्ड स्कूल की 11वीं की छात्रा मान्या नेगी ने एक दिन के लिए जिला विकास अधिकारी का सांकेतिक कार्यभार संभाला। उनके अलावा आठवीं क्लास की छात्रा दिव्यांशी अमोली को देहरादून नगर निगम में नगर आयुक्त बनाया गया। सभी अधिकारीयों एवं कर्मचारियों ने बालिकाओं को पूरा सम्मान देते हुए उनके आदेशों का पालन किया।
देखिए किसने संभाली क्या जिम्मेदारी
देहरादून की एक दिन की डीएम बनी शगुन कटारिया ने कहा कि मैं हमेशा से यही मानती आई हूं कि खुद को पावर में रखकर ही सिस्टम को बदला जा सकता है। इसी लिए मैं खुद भी यूपीएसई की परीक्षा देकर प्रशासनिक अधिकारी ही बनना चाहती हूं, लेकिन पहले मुझे अपना नाम पूरा करना है। यानी शगुन कटारिया से पहले मुझे पीएचडी करने के बाद डॉ. शगुन कटारिया बनना है और फिर मैं भी असली डीएम बनना चाहती हूं। शगुन के पिता संजय कटारिया एक केबल नेटवर्क के डायरेक्टर हैं और माता एक प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं।
Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles