हिल मेल ब्यूरो, नई दिल्ली
8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज सुबह से देश ही नहीं दुनियाभर के लोगों की नजरें पीएम नरेंद्र मोदी के ट्विटर हैंडल पर हैं, जहां प्रेरक कहानियां शेयर हो रही हैं। अगली कहानी कल्पना रमेश की आई है, जो कहती हैं कि हमें योद्धा बनना चाहिए लेकिन अलग तरह का। वह खुद जल संरक्षण के लिए काम कर रही हैं और लोगों से भी उनकी अपील है कि वॉटर वॉरियर बनिए।
वह कहती हैं कि मां से उनके मन में संस्कृति और खासतौर से प्रकृति का महत्व समझ में आया। उन्होंने आर्किटेक्चर की पढ़ाई की और शादी के बाद अमेरिका चली गईं। वापस हैदराबाद आईं तो आर्किटेक्चर बैंकग्राउंड से होने के कारण उन्होंने ऐसे घर बनाने शुरू किए जिसमें पानी की हर बूंद का इस्तेमाल हो सके।
I never imagined I could bring back birds to a lake or tweet from our PMs handle. With a firm resolve, the impossible can emerge. We can bring a change in the communities with collective action on how we manage water resources. Let us be become problem solvers.@kalpana_designs
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2020
अपनी कहानी का वीडियो शेयर करते हुए कल्पना लिखती हैं, ‘छोटे-छोटे प्रयास बड़ा असर कर सकते हैं। पानी एक मूल्यवान विरासत है, जो हमें मिली है। कोशिश कीजिए कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को इससे वंचित न होना पड़े। इसके लिए हमें जिम्मेदारी से पानी का इस्तेमाल करना चाहिए, बारिश के पानी को बचाइए, झीलों को बचाइए। एक बार इस्तेमाल पानी को रीसाइकल करें और इसको लेकर जागरूकता पैदा कीजिए।’
कल्पना ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं पक्षियों को झील में वापस ला सकता हूं या हमारे पीएम के हैंडल से ट्वीट कर सकती हूं। दृढ़ संकल्प के साथ असंभव कुछ नहीं है।’ उन्होंने लिखा कि हम पानी के संसाधनों का प्रबंधन कैसे करें, इसको लेकर सामूहिक प्रयास से समुदायों में हम बदलाव ला सकते हैं। आइए हम समस्याओं को हल करने वाले बनें।


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