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संघ के डॉ. रौतेला बोले, सुपर-30 की तर्ज पर 10 सुपर स्टूडेंट्स तैयार करें प्रवासी उत्तराखंडी

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संघ के डॉ. रौतेला

हिल मेल ब्यूरो, चंडीगढ़/देहरादून

शिक्षा से परिवार, समाज और देश बदलता है। युवाओं को शिक्षित करने से उनका आने वाला कल समृद्ध होगा। ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, ब्रज प्रांत के प्रांत प्रचारक और समाज सुधारक डॉ. हरीश रौतेला उत्तराखंड के प्रवासियों में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। चंडीगढ़ में डॉक्टर रौतेला ने प्रवासी उत्तराखंडियों को सुपर-10 विद्यार्थी तैयार करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि लोग चाहें कुमाऊं के हो या गढ़वाल के, कुछ ऐसे युवाओं को तैयार करने की जरूरत है जो आगे प्रांत ही नहीं देश का नाम रोशन कर सकें। बिहार में सुपर-30 का जिक्र करते हुए डॉ. रौतेला कहते हैं कि अगर मेहनत कर वह बच्चों को आईआईटी में दाखिला दिला सकते हैं तो हम क्यों नहीं कर सकते।

उन्होंने चंडीगढ़ में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों से आह्वान किया कि 10, 15 या 20 बच्चों को पढ़ाएं। हम अपने हिसाब से तय करें कि 10वीं के बच्चों को पढ़ाना है या किसी और कक्षा के। उन्होंने कहा कि हम टॉप 10 बच्चों को चुन सकते हैं जिनकी मेरिट 80 फीसदी से ज्यादा हो। उनका लालन-पालन कर पढ़ाकर हम अफसर, ईमानदारी से काम करने वाला युवक तैयार कर देंगे।

डॉ. रौतेला कहते हैं कि 10 ही युवक तैयार करें पर ये ऐसे होंगे जो उत्तराखंड की पहचान को प्रसारित करेंगे। इनमें विवेकानंद, पीएम मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जैसे योग्य व्यक्ति बन सकते हैं। रौतेला ने कहा कि चंडीगढ़ में करीब 80 हजार लोग रहते हैं और अगर हम 10 बच्चों को तैयार करते हैं तो अन्य राज्य भी आपसे प्रेरणा लेंगे।

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Hill Mail

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